ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 30 सितंबर 2024 को समाप्त होने वाली  तिमाही (वित्तीय वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही) के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की। फाइनेंशियल सर्विसेस, सेल्यूलोसिक स्टेपल फाइबर और स्पेशलिटी केमिकल्स व्यवसायों के बेहतर प्रदर्शन के कारण कंसोलिडेटेड रिवेन्यु ₹33,563 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11% अधिक है। सीमेंट व्यवसाय में कम लाभप्रदता और ब्रांड बिरला ओपसके तहत पेंट्स व्यवसाय में शुरुआती निवेश के परिणामस्वरूप कंसोलिडेटेड एबिटा 10% घटकर ₹4,042 करोड़ हो गया। ये परिणाम एक मजबूत कंज्यूमर-फेसिंग बिज़नस बनाने की हमारी योजना के अनुरूप हैं। इसके अलावा, बिल्डिंग मटीरियल्स और रिन्यूएबल्स व्यवसायों में निवेश के कारण हायर इंटरेस्ट और डेप्रिसिएशन चार्जेज (मूल्यह्रास शुल्क) के कारण PAT कम हुआ है।

सेल्युलोसिक फाइबर (सेल्युलोसिक स्टेपल फाइबर- CSF और सेल्युलोसिक फैशन यार्न- CFY)

दूसरी तिमाही 2025 में चीन की रेट्स एवरेज्ड 86% रही, जो पहली तिमाही 2025 की 82% की तुलना में अधिक है। इसके अलावा, इन्वेंट्री लेवल 8 दिनों के अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। चीन में सुधारती मांग ने CSF कीमतों में तीसरी लगातार तिमाही में सुधार की ओर अग्रसर किया

है, जो तीसरी तिमाही 2024 में औसतन $1.51/किलोग्राम से बढ़कर दूसरी तिमाही 2025 में $1.65/किलोग्राम हो गई है।

सीएसएफ व्यवसाय ने स्थिर घरेलू मांग के कारण 219 केटी की अब तक की सबसे अधिक तिमाही बिक्री मात्रा (क्वाटर्ली सेल्स वॉल्यूम) हासिल की, जो कि पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 4% अधिक है। वैश्विक कीमतों में सुधार और अधिक बिक्री मात्रा के कारण ईबीआईटीडीए मार्जिन में सुधार हुआ। सीएफ़वाई बिजनेस में वॉल्यूम ग्रोथ त्यौहार की मांग के कारण हुई, हालांकि चीनी उत्पादकों द्वारा भारतीय बाजारों के लिए एग्रेसिव प्राइसिंग के कारण प्रेशर में रही। सेल्यूलोसिक फाइबर सेगमेंट ने ₹4,125 करोड़ का राजस्व और ₹494 करोड़ का ईबीआईटीडीए दर्ज किया, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 6% की वृद्धि को दिखाता है।
केमिकल्स (क्लोर-एल्कली, क्लोरीन डेरिवेटिव्स और स्पेशलिटी केमिकल्स)
कास्टिक सोडा की अंतरराष्ट्रीय औसत स्पॉट कीमतें (CFR-SEA) पांचवीं लगातार तिमाही में बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में $471/टन हो गईं, जो सालाना आधार पर 13% अधिक है। डोमेस्टिक रियलाइजेशन भी सुधरीं, हालांकि मुख्य रूप से लगातार ओवरसप्लाई कंडीशन के कारण नेगेटिव क्लोरीन रियलाइजेशन्स में वृद्धि हुई जिससे ईसीयू रियलाइजेशन्स सालाना आधार पर 4% घटकर ₹30,650/टन हो गईं।
केमिकल्स बिजनेस का रिवेन्यु 2,054 करोड़ रूपये रहा, जो सालाना आधार पर 3% अधिक है। विलायत में कैप्टिव पावर प्लांट के रखरखाव बंद होने के कारण कम उत्पादन के कारण कास्टिक सोडा की बिक्री की मात्रा सालाना आधार पर 4% कम रही। क्लोरीन डेरिवेटिव्स और स्पेशलिटी केमिकल्स बिजनेस में उच्च लाभ मिलने के कारण केमिकल्स सेगमेंट का एबिटा 273 करोड़ रूपये रहा, जो सालाना आधार पर 16% अधिक है।
बिल्डिंग मटेरियल (सीमेंट, पेंट्स और बी2बी ई-कॉमर्स)
बिल्डिंग मटेरियल सेगमेंट ने पेंट्स और बी2बी ई-कॉमर्स व्यवसायों द्वारा संचालित 3% की वार्षिक वृद्धि के साथ ₹16,683 करोड़ का राजस्व दर्ज किया। एबिटा 28% वार्षिक गिरावट के साथ ₹1,886 करोड़ रहा, जिसका मुख्य कारण सीमेंट व्यवसाय में रियलाइजेशन्स में कमी और भारत के डेकोरेटिव पेंट्स मार्किट में कंज्यूमर फेसिंग ब्रांड ‘बिरला ओपस’ के निर्माण में प्रारंभिक निवेश था।
सीमेंट व्यवसाय (अल्ट्राटेक) का कंसोलिडेटेड सेल्स वॉल्यूम वार्षिक आधार पर 4% बढ़कर 27.84 मीट्रिक टन हो गई और रेडी-मिक्स कंक्रीट की बिक्री मात्रा वार्षिक आधार पर 19% बढ़कर 3.01 मिलियन एम3 हो गई। अल्ट्राटेक बिल्डिंग सॉल्यूशंस (UBS) आउटलेट्स की संख्या बढ़कर 4,236 हो गई, जो कुल बिक्री में 19.4% का योगदान देती है। वर्ष के दौरान, अल्ट्राटेक ने ग्रे सीमेंट कैपिसिटी में 9.9 मिलियन टीपीए की वृद्धि की (अक्टूबर 2024 तक) तथा वित्त वर्ष 2025 में कुल ग्रे सीमेंट कैपिसिटी 162.4 मिलियन टीपीए तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।
पेंट्स व्यवसाय (बिरला ओपस) में, इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में शुरू किए गए तीन प्लांट्स – लुधियाना, पानीपत और चेय्यार में उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। चामराजनगर और महाड़ प्लांट्स में ट्रायल प्रोडक्शन शुरू हो गया है। पहले सफल मीडिया कैम्पेन ‘मेक लाइफ ब्यूटीफुल’ के बाद नया विज्ञापन कैम्पेन ‘नये जमाने का नया पेंट’ प्रिंट, टीवी, डिजिटल और आउटडोर चैनलों पर लॉन्च किया गया। नया एडवर्टाइजमेंट कैम्पेन ‘बिरला ओपस’ द्वारा इंटीरियर, एक्सटीरियर और वॉटरप्रूफिंग पेंट्स में नवीन सुविधाओं और बेहतर प्रोडक्ट क्वालिटी पर केंद्रित है। उत्पाद की उपलब्धता बढ़कर 129 उत्पाद हो गई है और 900+ SKU पहले ही डिस्ट्रीब्यूशन चैनल में रखे जा चुके हैं। उत्पादों की पहुंच बढ़कर 4,300+ शहरों हो गई है, जिन्हें पूरे भारत में 114 डिपो से सेवा प्रदान की जा रही है। उत्पाद की गुणवत्ता को बहुत ही शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और डीलरों के नेटवर्क पर ठेकेदारों और उपभोक्ताओं से अच्छी मांग देखी जा रही है, जिससे काउंटर शेयर में वृद्धि हो रही है। सितंबर 2024 तक व्यवसाय के लिए कुल कैपेक्स ~₹8,470 करोड़ है, जो प्लान्ड कैपेक्स आउटले का 85% है।

बिरला पिवट, बी2बी ई-कॉमर्स व्यवसाय का राजस्व योजना के अनुरूप बढ़ता जा रहा है और वित्त वर्ष 24 में घोषित तीन वर्षों में 1 बिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। व्यवसाय ने 35 उत्पाद श्रेणियों में अपने उत्पाद की ऑफ़रिंग का विस्तार किया है जिसमें 300 से अधिक भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडों से प्राप्त 40,000 से अधिक SKU शामिल हैं। बिरला पिवट 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 375 शहरों में डिलीवरी के साथ अपनी पहुंच का विस्तार कर रहा है।