देश में कोयला परिवहन की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 को इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड (IRCON)0 के साथ एक गैर-बाध्यकारी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों के लिए उन्नत रेल अवसंरचना (Rail Infrastructure) विकसित करना है, जिससे कोयले की आवाजाही तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हो सके।

CIL के अनुसार, यह पहल देश में ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक कुशल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रेल परिवहन के उपयोग से न केवल कोयले की ढुलाई में लागत कम होगी, बल्कि सड़कों पर बोझ भी घटेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

इस साझेदारी के तहत, इरकॉन रेल मार्गों के निर्माण, आधुनिकीकरण और आवश्यक तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा, जबकि कोल इंडिया इन परियोजनाओं के लिए कोयला खदान क्षेत्रों की पहचान और लॉजिस्टिक सहायता सुनिश्चित करेगा। दोनों कंपनियां मिलकर ऐसे रेल नेटवर्क तैयार करने पर काम करेंगी, जो कोयले के उत्पादन स्थलों से लेकर थर्मल पावर प्लांट्स और औद्योगिक इकाइयों तक निर्बाध परिवहन सुनिश्चित करें।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग देश के ऊर्जा आत्मनिर्भरता मिशन को गति देगा और कोल इंडिया के ‘विजन 2030’ के तहत कोयला आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक टिकाऊ और आधुनिक बनाएगा।