भारत में इलेक्ट्रिक वीकल पॉलिसी अब नए दौर में पहुंच गई है। पहले के मुकाबले सब्सिडी आधी होने के बावजूद देशभर में 11.3 लाख इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री हुई है। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना ने अपने पहले साल में फेम-2 योजना की तुलना में हर गाड़ी पर सब्सिडी आधी होने के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में EV बिक्री में मदद की है।

यह जानकारी काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरमेंट एंड वॉटर (CHEW) के ग्रीन फाइनेंस सेंटर की ओर से जारी रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम ई-ड्राइव में मिलने वाली सब्सिडी के तहत EV की बिक्री फेम-2 की तुलना में सालाना 3.4 गुना रही है। यह साफ संकेत है कि EV सेक्टर लोगों की पसंद बन चुका है और ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव आ रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2014-15 में देश में करीब 2,000 इलेक्ट्रिक गाडियां बिकती थी। यह संख्या 2019-20 के बाद तेजी से बढ़ी और 2024-25 में कुल 19.6 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। कुल गाड़ियों की बिक्री में EV का हिस्सा अब 7.49% हो गया है। CEEW-ग्रीन फाइनेंस सेंटर के मुताबिक, शुरुआती दौर में ई-रिक्शा की हिस्सेदारी ज्यादा थी लेकिन अब हालात बदल चुके है। 2024-25 तक कुल 11.5 लाख+ EV टू-वीलर गाडियां बिक चुकी हैं।