इंदौर: ऑर्थोपेडिक केयर के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए, इंदौर के एसएनजी अस्पताल में एडवांस मिसो (एमआईएसएसओ) रोबोटिक सर्जरी सिस्टम स्थापित किया गया है। यह अत्याधुनिक तकनीक सर्जरी में सटीकता बढ़ाने और मरीजों के उपचार परिणामों को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। मिसो (एमआईएसएसओ) सिस्टम के जरिए दो सफल रोबोटिक जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी पहले ही की जा चुकी हैं, जो ऑर्थोपेडिक प्रक्रियाओं में इसके बदलावकारी प्रभाव को दिखाती हैं।

सर्जरी से पहले, मिसो (एमआईएसएसओ) सिस्टम उन्नत इमेजिंग का उपयोग करके मरीज के जोड़ का एक डिटेल्ड 3डी नक्शा तैयार करता है, जो सर्जन को प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक योजना बनाने में मदद करता है। यह पर्सनलाइज्ड अप्रोच सुनिश्चित करता है कि सर्जरी मरीज की अनूठी शारीरिक संरचना के अनुसार हो। सर्जरी के दौरान, मिसो (एमआईएसएसओ) का रोबोटिक आर्म सर्जिकल प्लान को बहुत सटीकता के साथ लागू करता है, जिससे गलतियाँ कम होती हैं, बेहतर एलाइनमेंट होता है, और प्रत्यारोपण को सही स्थान पर स्थापित किया जाता है। यह प्रक्रिया टिश्यु की क्षति को कम करती है और रिकवरी प्रक्रिया को तेज करती है।

मध्य भारत में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के विशेषज्ञ डॉ. दिव्यांशु गोयल ने एसएनजी अस्पताल में मिसो (एमआईएसएसओ) का उपयोग करते हुए आठ सफल सर्जरी की हैं। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा: “मिसो (एमआईएसएसओ) जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी में एक क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक है। इसकी सटीकता से मुझे अनुमान से अच्छे परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलती है, जिससे मरीजों की रिकवरी तेज होती है और उनकी संतुष्टि बढ़ती है। यह प्रगति टेक्नोलॉजी और मरीज की देखभाल के बीच सेतु का काम करती है।” मिसो (एमआईएसएसओ) रोबोटिक सर्जरी सिस्टम सिर्फ सर्जिकल सटीकता ही नहीं प्रदान करता, बल्कि मरीजों के लिए छोटे चीरे, कम दर्द और तेजी से रिकवरी का भी वादा करता है। मिसो (एमआईएसएसओ) का उपयोग करके की गई पहली दो सर्जरी के परिणाम बहुत ही शानदार रहे, जिसमें मरीजों ने तेज रिकवरी और गतिशीलता की रिकवरी का अनुभव किया। मिसो (एमआईएसएसओ) की विशेषता इसका मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण है। प्रत्येक प्रक्रिया को मरीज की शारीरिक संरचना के अनुसार व्यक्तिगत रूप से तैयार किया जाता है, जिससे लंबे समय बेहतर परिणाम और उच्च गुणवत्ता वाली जीवनशैली सुनिश्चित होती है।