1 अगस्त से UPI में नए नियम लागू होंगे, जिनके तहत एक दिन में किसी भी UPI ऐप से 50 से अधिक बार बैंक बैलेंस चेक नहीं किया जा सकेगा। यह बदलाव यूजर्स, बैंकों और मर्चेंट्स सभी के लिए लागू होगा ताकि सिस्टम पर बढ़ते लोड को कम किया जा सके। साथ ही, ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक करने की लिमिट भी तीन बार प्रति ट्रांजैक्शन कर दी गई है, और हर चेक के बीच कम से कम 90 सेकंड का अंतर होना जरूरी होगा।

ऑटो-पे ट्रांजैक्शंस के लिए भी नया समय निर्धारित किया गया है। अब ये पेमेंट्स केवल तय नॉन-पीक घंटों में ही प्रोसेस होंगे, जो सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक, और रात 9:30 बजे के बाद हैं। इससे सिस्टम पर लोड कम होगा और पेमेंट्स सुचारू रूप से पूरे होंगे।

NPCI का कहना है कि यह कदम UPI सिस्टम को और अधिक भरोसेमंद और तेज बनाने के लिए उठाया गया है। मार्च और अप्रैल 2025 में हुए UPI आउटेज के कारण कई यूजर्स को परेशानी हुई थी। इन नियमों से भविष्य में ऐसे व्यवधान कम होने की उम्मीद है।

आम यूजर्स के लिए इन बदलाव का प्रभाव कम होगा। रोजाना के पेमेंट, बिल भुगतान और ट्रांजैक्शन उसी तरह काम करेंगे। बस अगर कोई यूजर रोजाना 50 से अधिक बार बैलेंस चेक करता है, तो उसे सीमित किया जाएगा। ट्रांजैक्शन की रकम की लिमिट में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए पेमेंट के नियम पहले जैसे ही रहेंगे।