इंदौर के स्टार्टअप ‘स्वाहा’ ने चौथे साल भी यात्रा मार्ग को बनाया प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ, 550 टन कचरे का होगा सतत निपटान
अमरनाथ यात्रा में अब सिर्फ भक्ति ही नहीं, पर्यावरण संरक्षण भी एक मिशन बन गया है। इंदौर के स्टार्टअप ‘स्वाहा’ लगातार चौथे साल अमरनाथ यात्रा मार्ग को कचरा मुक्त बनाने में जुटा है। उनका उद्देश्य है ‘जीरो लैंडफिल’ यानी कोई भी कचरा पहाड़ों पर न बचे।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन के सहयोग से स्वाहा इस बार लगभग 550 टन कचरे को इकट्ठा कर रिसाइक्लिंग करेगा। खास बात यह है कि स्वाहा ने एक खास पैडल मशीन भी बनाई है जो बिना बिजली के चलती है और कचरे के प्रबंधन को आसान बनाती है।
स्वाहा के संस्थापक आईआईटी के ज्वलंत शाह और रोहित अग्रवाल के अनुसार, इस बार यात्रियों को प्लास्टिक की जगह कपड़े के थैले मुफ्त बांटे जा रहे हैं ताकि सिंगल यूज प्लास्टिक कम से कम हो। साथ ही लंगरों को भी कचरा सही तरीके से संभालने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि पहले पहाड़ों पर टनों कचरा फेंका जाता था, लेकिन अब सफाई के बाद यात्रा मार्ग पूरी तरह स्वच्छ नजर आता है। स्वाहा स्थानीय युवाओं को रोजगार भी देता है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा काम कर रहा है।
यात्रा में अब वेस्ट नहीं, बेस्ट बनेगा!
इस बार श्रद्धालु भक्ति के साथ-साथ पर्यावरण की जिम्मेदारी भी लेकर चलेंगे। “बोल बम, कचरा मुक्त यात्रा” का मंत्र हर दिल में गूंज रहा है।
