EMI डिफॉल्ट से CIBIL स्कोर पर असर: जानिए तुरंत उठाने वाले जरूरी कदम

लोन EMI का ऑटो-डेबिट फेल होना आपके CIBIL स्कोर को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है और भविष्य में लोन या क्रेडिट कार्ड पाना मुश्किल बना सकता है। हालांकि, अगर आप समय पर कदम उठाएं और सही प्रक्रिया अपनाएं, तो विशेषज्ञों के मुताबिक आप इस स्थिति को सुधार सकते हैं। सबसे पहले, यह जरूरी है कि आप बैंक स्टेटमेंट, EMI भुगतान के सबूत और लोन प्रदाता के साथ हुई बातचीत को इकट्ठा करें। इन दस्तावेज़ों से आप यह साबित कर सकते हैं कि आपके खाते में पैसे थे और गलती तकनीकी थी। इसके बाद, अपने लोन प्रदाता से संपर्क करें और उन्हें सारी जानकारी देते हुए CIBIL रिपोर्ट में की गई गलती को ठीक करने की मांग करें।

अगर लोन प्रदाता समय पर कार्रवाई नहीं करता या रिपोर्ट सुधारने से इनकार करता है, तो आप CIBIL की वेबसाइट पर जाकर औपचारिक शिकायत दर्ज कर सकते हैं। साथ ही, आप CIBIL को एक स्पष्टीकरण नोट भी दे सकते हैं जो भविष्य में संभावित लोनदाताओं को आपके पक्ष को समझने में मदद करेगा। भारत में किसी भी डिफॉल्ट की जानकारी क्रेडिट रिपोर्ट में 7 साल तक बनी रहती है, लेकिन यदि आप बाकी सभी कर्जों का भुगतान समय पर करते हैं और अपने क्रेडिट व्यवहार को सुधारते हैं, तो धीरे-धीरे आपकी साख फिर से बन सकती है। EMI मिस हो गई हो, भले ही आपकी गलती न हो — उसे नजरअंदाज न करें। सक्रिय रहें और अपनी क्रेडिट प्रोफाइल को सुरक्षित रखें।