ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार ने लिया बड़ा फैसला, रणनीतिक भंडारण क्षमता होगी और मजबूत
भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से तीन नए रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Petroleum Reserves) बनाने का निर्णय लिया है। यह कदम वैश्विक तेल आपूर्ति में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक संकटों के बीच ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, ये नए भंडार राजस्थान, ओडिशा और कर्नाटक जैसे राज्यों में बनाए जा सकते हैं। इनकी कुल भंडारण क्षमता मौजूदा भंडारों के अतिरिक्त होगी, जिससे देश आपात स्थितियों में कई सप्ताह तक अपनी तेल जरूरतें पूरी कर सकेगा। वर्तमान में भारत के पास विशाखापत्तनम, मैंगलोर और पदुर में तीन रणनीतिक भंडार हैं, जिनमें लगभग 5.3 मिलियन टन कच्चा तेल संग्रहीत किया जा सकता है।
सरकार का मानना है कि ये नए भंडार न सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अहम होंगे, बल्कि वैश्विक बाजार में भारत की ऊर्जा स्थिति को भी मजबूत बनाएंगे। इस परियोजना के लिए निजी और विदेशी निवेशकों को भी भागीदारी का अवसर दिया जा सकता है।
