टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रहे बच्चों के लिए इंदौर में पहली बार आयोजित हो रही है हेल्दी कुकिंग प्रतियोगिता

टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रहे बच्चों को आत्मनिर्भरता और सेहतमंद जीवनशैली की दिशा में प्रेरित करने के लिए इंदौर में पहली बार ‘शुगर स्मार्ट शेफ जूनियर’ प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है। 27 जुलाई को बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में होने वाले इस इवेंट में बच्चे शेफ बनकर दिखाएंगे कि हेल्दी फूड भी स्वादिष्ट और आकर्षक हो सकता है।

इस विशेष पहल के आयोजक हैं प्रसिद्ध एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. संदीप जुल्का, जो बच्चों और अभिभावकों को डायबिटीज मैनेजमेंट और संतुलित आहार के महत्व को समझाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम लेकर आ रहे हैं।

प्रतियोगिता दो चरणों में होगी। पहले चरण में प्रतिभागी बच्चे घर पर बनाई गई हेल्दी डिश का वीडियो और रेसिपी नोट्स भेजेंगे। चयनित बच्चों को फिनाले में बुलाया जाएगा, जहां वे लाइव ‘माई ड्रीम लंच बॉक्स’ बनाकर जजों के सामने अपनी रचनात्मकता और पोषण संतुलन का प्रदर्शन करेंगे।

डॉ. जुल्का का कहना है, “डायबिटीज से जूझ रहे बच्चे हमें यह सिखा रहे हैं कि बीमारी पहचान नहीं होती। यदि हम उन्हें सही दिशा दें, तो वे एक स्वस्थ और प्रेरणादायक जीवन जी सकते हैं।” उन्होंने बताया कि बच्चों के दैनिक आहार में चीनी की मात्रा 5% से अधिक नहीं होनी चाहिए, लेकिन भारत में यह आंकड़ा कहीं अधिक है, जिससे मोटापा और अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं।

डॉ. जुल्का ने हाल ही में 3,000 से अधिक स्कूली बच्चों को मोटापा रोकथाम और हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए प्रशिक्षित किया है। सीबीएसई की ओर से ‘शुगर बोर्ड’ जैसे निर्देशों के तहत यह प्रतियोगिता एक सार्थक कदम मानी जा रही है।

प्रतियोगिता के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे, जो बच्चों में आत्मविश्वास और हेल्दी कुकिंग के प्रति रुचि को बढ़ावा देंगे। इस प्रयास का उद्देश्य बच्चों और उनके माता-पिता दोनों को यह समझाना है कि स्वाद और सेहत एक साथ चल सकते हैं