बैटरी सामग्री और आपूर्ति श्रृंखला क्षेत्र की कंपनी, ऑल्टमिन प्राइवेट लिमिटेड, ने ब्राज़ील में 250 मिलियन डॉलर (लगभग 2200 करोड़ रुपये) की लागत से लिथियम रिफाइनिंग प्रोजेक्ट का प्रस्ताव रखा है. यह भारत का पहला प्रोजेक्ट है जिसे अमेरिका के नेतृत्व वाले मिनरल्स सिक्योरिटी पार्टनरशिप (MSP) में सूचीबद्ध किया गया है.

MSP, 14 देशों और यूरोपीय आयोग का एक समूह है, जो महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित और विविध बनाने पर काम करता है. यह सूचीबद्ध परियोजनाओं को सार्वजनिक और निजी निवेश जुटाने में भी मदद करता है.

ऑल्टमिन के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर, अंजनी श्री मौर्या सुनकावली ने टीओआई को बताया कि इस प्रोजेक्ट में स्पोड्यूमीन अयस्क को 32,000 टन लिथियम कार्बोनेट में बदलने की क्षमता होगी. लिथियम कार्बोनेट, लिथियम-आयन बैटरी के उत्पादन में एक महत्वपूर्ण घटक है.

उन्होंने कहा कि “हम प्रोजेक्ट शुरू होने के दो साल के अंदर रिफाइनरी को चालू करने की उम्मीद कर रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा कि यह प्रोजेक्ट भारत को चीन से दूर, अपनी महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने में मदद करेगा. चीन का इस क्षेत्र में एकाधिकार है. यह भारत को ‘आत्मनिर्भर’ भी बनाएगा क्योंकि स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और टिकाऊ प्रौद्योगिकियों के लिए लिथियम बहुत महत्वपूर्ण है.

ऑल्टमिन इस प्रोजेक्ट को ब्राज़ील की कंपनी कॉम्पेनिया ब्रासीलीरा डे लिटिओ (CBL) के साथ तकनीकी सहयोग से स्थापित करने की योजना बना रही है, जो लिथियम खनन और रिफाइनिंग के क्षेत्र में काम करती है.

फ़िलहाल, कंपनी सार्वजनिक और निजी निवेश जुटाने के लिए बातचीत कर रही है