नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्ध विराम को लेकर आई सकारात्मक खबर का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर साफ दिखाई दिया। तनाव कम होने की उम्मीद के बीच दुनिया भर के शेयर बाजारों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्टों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड 86 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में तनाव कम होने से वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बनी चिंताएं घट रही हैं। इसी वजह से ऊर्जा कीमतों में नरमी आई और एशिया, यूरोप तथा अमेरिका के प्रमुख शेयर बाजारों में मजबूत तेजी दर्ज की गई।
भारत के लिए भी यह घटनाक्रम राहत भरा माना जा रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से देश का आयात बिल कम हो सकता है, जिससे महंगाई पर दबाव घटने और रुपये को मजबूती मिलने की संभावना बढ़ गई है। इसी सकारात्मक माहौल का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी देखने को मिला।
हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि बाजार की यह तेजी युद्ध विराम को लेकर जारी कूटनीतिक प्रयासों पर निर्भर करेगी। यदि समझौता अंतिम रूप लेता है तो बाजारों में सकारात्मक रुख जारी रह सकता है, लेकिन तनाव दोबारा बढ़ने की स्थिति में तेल और शेयर बाजार दोनों में उतार-चढ़ाव लौट सकता है।
