नई दिल्ली। एयर इंडिया को नई उड़ान देने के लिए टाटा ग्रुप ने तैयारी शुरू कर दी है। टाटा ग्रुप ने भारी कर्ज में डूबी सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया को हाल में खरीदा था और वह जनवरी 2022 में इसकी कमान अपने हाथों में ले सकता है। एयर इंडिया का कायापलट करने के लिए 100 दिन का एक ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया के सीईओ के लिए नाम शॉर्टलिस्ट कर दिया है और इसमें अमेरिका की डेल्टा एयरलाइन के पूर्व प्रेजिडेंट फ्रेड रीड का नाम सबसे आगे चल रहा है।
100 डे प्लान के तहत एयर इंडिया की ऑन-टाइम परफॉरमेंस में सुधार के साथ यात्रियों और कॉल सेंटरों से जुड़ी शिकायतें दूर करना शामिल हैं। एक सूत्र ने कहा कि 100 डे प्लान का मकसद मूल सेवा से जुड़े मानकों में सुधार लाना है। इन चीजों को पहले 100 दिन में पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया जा सकता है लेकिन उनमें सुधार किया जा सकता है। ऑन-टाइम परफॉरमेंस और यात्रियों की शिकायत के आंकड़े हर महीने आते हैं और अगर इनमें कोई सुधार आता है तो हर कोई इसे देख सकता है।

कंपनी ने क्या कहा : टाटा ग्रुप ने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कंपनी ने एक ईमेल के जवाब में कहा कि अभी एयर इंडिया शेयर-परचेज ट्रांजैक्शन चल रहा है। हम इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। जब तक डील पूरी नहीं हो जाती है तब तक हम किसी भी अटकलबाजी पर टिप्प्णी करने से परहेज करेंगे।
टाटा ग्रुप की कंपनी Talace Pvt Ltd ने एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस में पूरी हिस्सेदारी और ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी AISATS में 50 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए सफल बोली लगाई थी। सरकार जनवरी के तीसरे हफ्ते में एयर इंडिया को टाटा ग्रुप को सौंपने की तैयारी में है। Directorate General of Civil Aviation द्वारा अक्टूबर में जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक यात्रियों की शिकायत के मामले में एयर इंडिया तीसरे नंबर पर रही।
कौन हैं फ्रेड रीड : सूत्रों के मुताबिक टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया के लिए सीईओ का नाम शॉर्टलिस्ट कर दिया है। रीड को पहली पसंद माना जा रहा है। टाटा ग्रुप की विस्तारा और एयरएशिया इंडिया में हिस्सेदारी है लेकिन ग्रुप के पास अभी खुद एविएशन का अनुभव नहीं है। एक सूत्र ने कहा कि यह साफ है कि एयर इंडिया के लिए विदेशी सीईओ लाया जाएगा और इसका भविष्य संवारने की जिम्मेदारी उसी की होगी।

अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहने वाले रीड सिविल एविएशन इंडस्ट्री के दिग्गज हैं। वह डेल्टा के प्रेजिडेंट रह चुके हैं और वर्जिन अमेरिका के लॉन्च के समय इसके सीईओ थे। हाल तक वह Airbnb से जुड़े थे और अभी Surf Air Mobility के प्रेजिडेंट हैं। एक अन्य घटनाक्रम में टाटा ग्रुप एयरएशिया इंडिया में AirAsia Berhad की 16 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी में है। यह काम एयर इंडिया के ट्रांसफर से पहले किया जा सकता है।
कैसे हुई थी घर वापसी : एयर इंडिया के लिए टाटा ग्रुप ने Talace Ltd के नाम से बोली लगाई थी। अधिकारियों के मुताबिक इसका नाम बदलने की भी तैयारी है। Talace Limited एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है जिसका गठन 12 अगस्त 2020 को किया था। इसके जरिए टाटा संस ने एयर इंडिया के लिए सफल बोली लगाई थी। एयर इंडिया की स्थापना 1932 में टाटा एयरलाइंस के रूप में हुई थी। बाद में सरकार ने इसका राष्ट्रीयकरण कर लिया था। सरकार पिछले कई साल से इसे बेचने की कोशिश में लगी थी। आखिरकार टाटा संस के रूप में उसे खरीदार मिल गया और एयरलाइन की घर वापसी का रास्ता साफ हो गया।