-सरकार ने दी जानकारी
नई दिल्ली। पिछले पांच वित्त वर्षो के दौरान सरकार ने 3.96 लाख से अधिक कंपनियों को रिकार्ड से बाहर किया है। इन्हें कंपनी कानून के तहत सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए रिकार्ड से बाहर किया गया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार पिछले वित्त वर्ष (अप्रैल, 2020-मार्च, 2021) के दौरान 12,892 कंपनियों को रिकार्ड से हटाया गया है। उससे पिछले वित्त वर्ष (अप्रैल, 2019-मार्च, 2020) के दौरान ऐसी कंपनियों की संख्या 2,933 थी। कारपोरेट मामलों के राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि सरकार ने पिछले पांच वर्षों के दौरान रिकार्ड से कुल 3,96,585 कंपनियों को रजिस्ट्रार आफ कंपनीज (आरओसी) की सूची से बाहर किया है। पिछले पांच वर्षो के दौरान सबसे ज्यादा 2,34,371 कंपनियों को वित्त वर्ष 2017-18 और 1,38,446 कंपनियों को वित्त वर्ष 2018-19 में बाहर किया गया। इनमें से अधिकतर कंपनियों को नियामकीय अनुपालनों में कमी के चलते रिकार्ड से निकाला गया है।
उल्लेखनीय है कि रजिस्ट्रार किसी भी कंपनी को सूची से बाहर निकाल सकता है, जिसका मतलब यह होता है कि अब वह कंपनी परिचालन में नहीं है। हालांकि इसके लिए रजिस्ट्रार पहले सुनिश्चित हो लेता है कि कंपनी ने पिछले दो वित्त वर्षो के दौरान कोई कारोबार नहीं किया है। इसके साथ ही इन कंपनियों ने परिचालन बंद रखने के लिए जरूरी सूचना भी रजिस्ट्रार को नहीं दी है। एक अलग सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि इस वर्ष 30 सितंबर तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार निजी और सरकारी कंपनियों ने कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के मद में बीते वित्त वर्ष के दौरान कुल 8,828.11 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसमें से 2,559.30 करोड़ रुपये स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए हैं। हालांकि कंपनियों द्वारा कोरोना मद में अगल से किए गए खर्च का मंत्रालय कोई ब्योरा नहीं रखता है।
