भारतीय यात्रियों की गर्मियों की छुट्टियों की योजना में इस साल बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां लंबी दूरी के अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन जैसे Paris और अमेरिका की यात्रा प्राथमिकता में होती थी, वहीं अब रुझान तेजी से बदल रहा है। अब लोग नजदीकी, किफायती और आसान यात्रा वाले स्थानों को अधिक महत्व दे रहे हैं।
दरअसल, इस बदलाव के पीछे कई कारण हैं। सबसे पहले, अंतरराष्ट्रीय हवाई किरायों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं ने भी यात्रियों की योजना को प्रभावित किया है। इसी वजह से लंबी दूरी की यात्रा करना अब पहले जितना आसान और आकर्षक नहीं रहा है। इसलिए लोग वैकल्पिक विकल्प तलाश रहे हैं।
इसी बीच, एशियाई डेस्टिनेशन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। उदाहरण के लिए, Phuket भारतीय पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। यह जगह समुद्र तटों, कम खर्च और आसान वीजा प्रक्रिया के कारण आकर्षित कर रही है। साथ ही, यहां की यात्रा यूरोप की तुलना में कम समय और कम बजट में पूरी हो जाती है।
इसके अलावा, घरेलू पर्यटन में भी तेज़ी देखी जा रही है। विशेष रूप से Goa जैसे डेस्टिनेशन की मांग बढ़ी है। साथ ही, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और केरल जैसे स्थान भी लोगों की प्राथमिकता में शामिल हैं। ये सभी जगहें गर्मियों में ठंडी जलवायु और प्राकृतिक सुंदरता के कारण आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
ट्रैवल कंपनियों के अनुसार, इस साल बुकिंग पैटर्न में स्पष्ट बदलाव दिख रहा है। पहले लोग “ड्रीम डेस्टिनेशन” के आधार पर यात्रा चुनते थे। लेकिन अब वे “बजट और सुविधा” को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। इसलिए कम दूरी की यात्रा और छोटे ट्रिप अधिक लोकप्रिय हो रहे हैं।
इसके साथ ही, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म भी इस बदलाव में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। लोग अब इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर नए डेस्टिनेशन देख रहे हैं। परिणामस्वरूप, वे पारंपरिक यूरोपीय शहरों की बजाय ट्रेंडिंग एशियाई जगहों को चुन रहे हैं। इसलिए यात्रा के पैटर्न में तेजी से बदलाव आया है।
हालांकि, यूरोप और अमेरिका की यात्रा पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। लेकिन अब यह केवल एक सीमित वर्ग तक ही रह गई है। वहीं, मध्यम वर्ग और युवा यात्री अब ऐसे विकल्प चुन रहे हैं जो कम खर्च में अधिक अनुभव दे सकें। इसलिए फुकेत, बाली और वियतनाम जैसे स्थान तेजी से उभर रहे हैं।
इसके अलावा, एशियाई देशों में वीजा प्रक्रिया आसान होने से भी यात्रियों को सुविधा मिल रही है। साथ ही, सीधी उड़ानों और बेहतर कनेक्टिविटी ने यात्रा को और सरल बना दिया है। इस वजह से लोग बिना ज्यादा योजना के भी इन जगहों पर यात्रा कर पा रहे हैं।