टेक्नोलॉजी की दुनिया में Google ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने AI प्लेटफॉर्म Gemini के ‘Notebooks’ फीचर को अब सभी यूज़र्स के लिए मुफ्त कर दिया है। पहले यह सुविधा केवल पेड सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध थी, लेकिन अब कंपनी ने इसे फ्री यूज़र्स के लिए भी रोलआउट कर दिया है।
Google Gemini का यह नया अपडेट AI आधारित प्रोडक्टिविटी टूल्स को आम लोगों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ‘Notebooks’ फीचर यूज़र्स को एक ही जगह पर अपनी चैट, फाइल्स और रिसर्च को व्यवस्थित करने की सुविधा देता है, जिससे लंबे प्रोजेक्ट्स और जटिल जानकारी को संभालना आसान हो जाता है।
Gemini ऐप में अब साइड पैनल में ‘Notebooks’ नाम का नया सेक्शन दिखाई देता है, जहां यूज़र्स अपने अलग-अलग प्रोजेक्ट बना सकते हैं। यह फीचर Google के NotebookLM टूल के साथ भी सिंक करता है, जिससे यूज़र्स को वीडियो ओवरव्यू, इन्फोग्राफिक्स और अन्य क्रिएटिव आउटपुट बनाने में मदद मिलती है।
इस फीचर की सबसे खास बात यह है कि यह एक “पर्सनल नॉलेज बेस” की तरह काम करता है। यानी यूज़र अपनी बातचीत, डॉक्यूमेंट्स और अन्य स्रोतों को एक जगह जोड़ सकते हैं और Gemini उन सभी जानकारी के आधार पर बेहतर और सटीक जवाब देता है। इससे बार-बार एक ही जानकारी देने की जरूरत भी कम हो जाती है।
Notebooks के अंदर यूज़र्स अपने पुराने चैट्स को भी सेव कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। इसके अलावा, इसमें “नोटबुक मेमोरी” फीचर भी दिया गया है, जिससे AI यूज़र के संदर्भ को समझकर जवाब देता है। हालांकि, यूज़र्स चाहें तो इस फीचर को बंद भी कर सकते हैं।
फ्री यूज़र्स के लिए फिलहाल एक नोटबुक में अधिकतम 50 स्रोत जोड़ने की सुविधा दी गई है, जबकि पेड यूज़र्स को इससे ज्यादा लिमिट मिलती है। इसके साथ ही यूज़र्स अपने हिसाब से AI के जवाब का टोन, स्टाइल और फॉर्मेट भी कस्टमाइज कर सकते हैं, जिससे यह फीचर और ज्यादा उपयोगी बन जाता है।
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि Google का यह कदम AI टूल्स की पहुंच को तेजी से बढ़ाएगा और ChatGPT जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स को कड़ी टक्कर देगा। ‘Notebooks’ फीचर खासतौर पर स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स और प्रोफेशनल्स के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है, जो लंबे समय तक चलने वाले प्रोजेक्ट्स पर काम करते हैं।
कुल मिलाकर, Google Gemini का ‘Notebooks’ फीचर अब फ्री होने से AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और आसान हो जाएगा। आने वाले समय में यह फीचर डिजिटल प्रोडक्टिविटी और स्मार्ट वर्किंग का एक अहम हिस्सा बन सकता है।