देश में चल रहे वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी (LPG) सप्लाई को लेकर बड़ी राहत की खबर दी है। सरकार के अनुसार, बीते एक दिन में करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडर देशभर के घरों तक पहुंचाए गए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि घरेलू गैस आपूर्ति पूरी तरह स्थिर बनी हुई है।

नई दिल्ली में आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में कहीं भी LPG की कमी (dry-out) की स्थिति नहीं है और सभी वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सप्लाई चेन को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अब LPG वितरण प्रणाली काफी हद तक डिजिटल हो चुकी है। करीब 98% बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से हो रही है, जबकि 93% डिलीवरी एक विशेष authentication code सिस्टम के जरिए सत्यापित की जा रही है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और फर्जी डिलीवरी या ब्लैक मार्केटिंग पर लगाम लगाने में मदद मिली है।

हालांकि, घरेलू सप्लाई के साथ-साथ सरकार ने कमर्शियल LPG सेक्टर की स्थिति पर भी अपडेट दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कमर्शियल गैस की सप्लाई अब लगभग 70% तक बहाल हो चुकी है। केवल एक दिन में करीब 8,200 टन कमर्शियल LPG की बिक्री दर्ज की गई, जबकि पिछले महीने से अब तक 19 किलो वाले लगभग 79 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।

सरकार ने यह भी बताया कि ऑटो LPG (वाहनों में उपयोग होने वाली गैस) की मांग में तेजी देखी गई है। फरवरी में जहां रोजाना 177 टन की बिक्री हो रही थी, वहीं अप्रैल में यह बढ़कर लगभग 296 टन प्रतिदिन तक पहुंच गई है—जो करीब 67% की वृद्धि दर्शाती है।

इसके अलावा, छोटे 5 किलो वाले सिलेंडरों की मांग भी बढ़ रही है, जो खासकर छोटे परिवारों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयोगी हैं। अब तक ऐसे 16.5 लाख से अधिक सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जिससे सरकार की “सबके लिए स्वच्छ ईंधन” नीति को मजबूती मिली है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा सप्लाई चेन सुरक्षित है। बंदरगाह, शिपिंग और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि LPG सहित जरूरी ईंधनों की आपूर्ति में कोई बाधा न आए।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर रोजाना LPG डिलीवरी यह दिखाती है कि भारत की ऊर्जा लॉजिस्टिक्स प्रणाली काफी मजबूत हो चुकी है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अभी भी देरी या स्थानीय स्तर पर समस्या की खबरें आती रहती हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति नियंत्रण में है।

कुल मिलाकर, सरकार के ताज़ा आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारत ने वैश्विक संकट के बीच भी घरेलू LPG सप्लाई को स्थिर बनाए रखा है। आने वाले समय में भी सरकार का फोकस सप्लाई चेन को मजबूत रखने और उपभोक्ताओं तक बिना रुकावट गैस पहुंचाने पर रहेगा।

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