जिंदल स्टेनलेस ने मुंबई के पास वाशीवाली, पातलगाँगा में लगभग 125 करोड़ रुपये के निवेश से अपनी पहली स्टेनलेस स्टील फैब्रिकेशन यूनिट की शुरुआत की है। करीब 4 लाख वर्ग फीट में फैली यह यूनिट कंपनी की पूर्ण-मालिकाना सहायक इकाई जिंदल स्टेनलेस स्टीलवे लिमिटेड (JSSL) द्वारा संचालित की जाएगी। फिलहाल इसकी उत्पादन क्षमता 4,000 टन प्रति वर्ष रखी गई है, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 तक बढ़ाकर 18,000 टन करने का लक्ष्य है। यह यूनिट मुख्य रूप से ब्रिज सेक्टर की मांग को पूरा करेगी और स्टेनलेस स्टील गिर्डर्स व अन्य ढांचागत घटकों का निर्माण करेगी। परियोजना से 250 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार और 150 से ज्यादा परिवारों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। कंपनी का कहना है कि इस कदम से वह केवल सामग्री आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को ‘एंड-टू-एंड’ फैब्रिकेशन समाधान भी उपलब्ध कराएगी। साथ ही, यूनिट को भविष्य में सौर ऊर्जा आधारित बनाने की भी योजना है।

इस नई फैब्रिकेशन यूनिट के शुरू होने से न केवल जिंदल स्टेनलेस की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला और निर्माण उद्योग को भी बड़ा फायदा मिलेगा। आसपास के उद्योगों को तेजी से स्टेनलेस स्टील उत्पाद उपलब्ध होंगे, जिससे परियोजनाओं में समय की बचत होगी और निर्माण लागत में कमी आएगी। इसके अलावा, यह पहल महाराष्ट्र में रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में活र्धन होगा।