दक्षिण कोरिया की प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता Kia ने अपनी अगली पीढ़ी की सॉफ्टवेयर-केंद्रित कारों के लॉन्च को एक साल के लिए टाल दिया है। कंपनी ने घोषणा की है कि उसकी पहली “सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल” अब 2028 में लॉन्च होगी, जबकि पहले इसे 2027 में पेश करने की योजना थी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऑटो उद्योग तेजी से स्मार्ट और सॉफ्टवेयर-आधारित वाहनों की ओर बढ़ रहा है।
कंपनी के अनुसार, नई सॉफ्टवेयर-फोकस्ड कारें उन्नत ड्राइविंग तकनीक, ओवर-द-एयर अपडेट्स और बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं से लैस होंगी। हालांकि, तकनीकी विकास और रणनीतिक पुनर्गठन के कारण लॉन्च टाइमलाइन को आगे बढ़ाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Kia का पहला सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मॉडल 2028 में हाईवे सेमी-ऑटोमेटेड ड्राइविंग फीचर्स के साथ आएगा, जबकि शहरों में उन्नत स्वचालित संचालन क्षमता वाला मॉडल 2029 में आ सकता है।
इसके साथ ही Kia ने अपनी निवेश योजना में बड़ा इजाफा करते हुए 2026 से 2029 के बीच लगभग 41.4 ट्रिलियन वॉन (करीब 28 अरब डॉलर) निवेश करने की घोषणा की है। यह उसकी पिछली योजना की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का कहना है कि यह निवेश इलेक्ट्रिफिकेशन, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी, नई मोबिलिटी सेवाओं और भविष्य की ऑटोमोटिव तकनीकों के विकास पर केंद्रित होगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम दर्शाता है कि Kia और उसकी सहयोगी कंपनी Hyundai, Tesla और चीनी ईवी निर्माताओं के साथ तकनीकी प्रतिस्पर्धा में पीछे नहीं रहना चाहतीं। हालांकि, लॉन्च में देरी से निवेशकों की चिंता बढ़ी है और घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई।
इसके अलावा, Kia ने अपने 2030 इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री लक्ष्य को भी लगभग 20 प्रतिशत घटाकर 10 लाख यूनिट कर दिया है। कंपनी ने यह बदलाव वैश्विक EV मांग में नरमी और कुछ बाजारों में सब्सिडी कम होने के कारण किया है। इसके बावजूद Kia हाइब्रिड वाहनों पर अधिक ध्यान देने की योजना बना रही है और 2030 तक वार्षिक हाइब्रिड बिक्री को 11 लाख यूनिट तक ले जाना चाहती है।
कंपनी ने यह भी खुलासा किया कि वह अमेरिका में अपने कारखानों में Boston Dynamics के Atlas humanoid robots का उपयोग शुरू करेगी, जिससे उत्पादन दक्षता और ऑटोमेशन को बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर, Kia की यह रणनीति दिखाती है कि कंपनी भविष्य की स्मार्ट मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक वाहनों पर बड़ा दांव लगा रही है। हालांकि लॉन्च में देरी चुनौतियों का संकेत देती है, लेकिन बढ़ा हुआ निवेश बताता है कि Kia लंबी अवधि में तकनीकी नेतृत्व हासिल करने के लिए गंभीर है।