देश के लाखों कर्जधारकों के लिए लोन की किस्तें आने वाले समय में महंगी हो सकती हैं। Canara Bank ने अपनी कुछ अवधि की उधार दरों में 5 बेसिस पॉइंट (bps) की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद होम लोन, ऑटो लोन और अन्य फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज की EMI पर असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है।
बैंक द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, संशोधित ब्याज दरें चुनिंदा अवधियों पर लागू की गई हैं। MCLR (Marginal Cost of Funds Based Lending Rate) में बढ़ोतरी का सीधा प्रभाव उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जिनके लोन MCLR आधारित ब्याज प्रणाली से जुड़े हुए हैं।
दूसरी ओर Bank of Baroda ने अपनी MCLR दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया है। बैंक ने मौजूदा दरों को स्थिर रखते हुए ग्राहकों को राहत दी है। इससे बैंक ऑफ बड़ौदा के मौजूदा उधारकर्ताओं की EMI पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ेगा।
बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे स्तर की ब्याज दर बढ़ोतरी भी लंबे समय के लोन पर बड़ा वित्तीय असर डाल सकती है। खासकर होम लोन लेने वाले ग्राहकों को अतिरिक्त ब्याज भुगतान करना पड़ सकता है। यदि ब्याज दरें लगातार बढ़ती हैं तो EMI या लोन अवधि दोनों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
हाल के महीनों में बैंकों द्वारा फंडिंग लागत और बाजार परिस्थितियों को देखते हुए उधार दरों में संशोधन किया जा रहा है। ऐसे में विभिन्न बैंक अपनी आंतरिक वित्तीय स्थिति और बाजार रणनीति के आधार पर MCLR तय कर रहे हैं।
वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि जिन ग्राहकों के लोन फ्लोटिंग रेट पर हैं, उन्हें अपनी EMI संरचना की नियमित समीक्षा करनी चाहिए। ब्याज दर बढ़ने की स्थिति में ग्राहक बैलेंस ट्रांसफर, प्रीपेमेंट या कम ब्याज वाले विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यदि भविष्य में ब्याज दरों में और वृद्धि होती है तो रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर की मांग पर असर पड़ सकता है। ऊंची EMI के कारण नए लोन लेने वाले ग्राहकों की संख्या कम हो सकती है।
बैंकिंग सेक्टर में फिलहाल यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर सतर्कता बनी रह सकती है। ऐसे में ग्राहकों को किसी भी नए लोन निर्णय से पहले ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस और कुल भुगतान राशि का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना चाहिए।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि वैश्विक वित्तीय परिस्थितियां, मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंक की नीतियां आगे भी बैंकों की उधार दरों को प्रभावित कर सकती हैं। फिलहाल Canara Bank की दर वृद्धि ने EMI को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जबकि Bank of Baroda के स्थिर रुख ने कुछ राहत जरूर दी है।