नरसिंह वाटिका में तीन दिवसीय मंत्राक्ष ध्यान शिविर का रविवार को परम पूज्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज के सानिध्य में भावपूर्ण समापन हुआ। इस शिविर में हर उम्र और हर वर्ग के साधकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आत्मिक साधना की गहन यात्रा का अनुभव किया।

शिविर के अंतिम दिन मुनि श्री ने साधकों को धन एवं समृद्ध जीवन के लिए आवश्यक अमूल्य बीजाक्षर प्रदान किए। साधक इस दिव्य अवसर से प्रसन्न तो थे, किंतु शिविर के समापन पर भावुक भी हो उठे। संध्या के समय सामूहिक भजन संध्या ने वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया।

मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज ने एक साधक के जवाब में सूत्र दिया वह था – “मंत्राक्ष के माध्यम से हम जीवन को शांतिमय, स्थिर, स्वस्थ एवं समृद्ध बना सकते हैं। जीवन के हमारे लक्ष्य को साधने में भी यह उपयोगी है।”

तीन दिनों तक चले इस शिविर में प्रतिदिन प्रातः 5:15 से 7:30 बजे तक सामूहिक मंत्र साधना, नीति प्रवचन, श्रुत-समाधान और युवाओं के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। हज़ारों श्रद्धालु, युवा साधक और जिज्ञासु जन इन सत्रों में उपस्थित रहे और आत्मिक ऊर्जा से सराबोर हुए।

आयोजकों ने बताया कि यह शिविर इंदौरवासियों के लिए एक अविस्मरणीय और जीवन-परिवर्तक अनुभव सिद्ध हुआ। मुनि श्री के मार्गदर्शन में साधकों ने न केवल आत्मिक शांति का अनुभव किया बल्कि जीवन प्रबंधन, तनाव मुक्ति और समग्र विकास के सरल सूत्र भी पाए।

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