भारत के मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में एक बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। Zee Entertainment Enterprises Limited (ZEEL) ने Reliance-Disney के संयुक्त उद्यम JioStar के खिलाफ कथित म्यूजिक कॉपीराइट उल्लंघन को लेकर मुकदमा दायर किया है। Zee ने आरोप लगाया है कि JioStar ने लाइसेंस समझौते खत्म होने के बाद भी उसके म्यूजिक कंटेंट का इस्तेमाल जारी रखा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Zee ने नई दिल्ली की अदालत में दायर याचिका में करीब 30 लाख डॉलर यानी ₹25 करोड़ से अधिक हर्जाने की मांग की है। कंपनी का कहना है कि JioStar ने उसके म्यूजिक कैटलॉग का उपयोग अपने टीवी चैनलों और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म JioHotstar पर बिना वैध अनुमति के किया।
Zee के अनुसार, दोनों कंपनियों के बीच 2017 और 2020 में हुए लाइसेंस समझौते 2024 और 2025 में समाप्त हो गए थे। हालांकि, इसके बाद भी Zee के गानों और म्यूजिक कंटेंट का उपयोग कई बार किया गया। अदालत में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, कम से कम 50 मामलों में कथित कॉपीराइट उल्लंघन हुआ।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत का मीडिया और स्ट्रीमिंग बाजार तेजी से बदल रहा है। Reliance और Disney के 8.5 अरब डॉलर के विलय के बाद JioStar देश की सबसे बड़ी मनोरंजन कंपनियों में शामिल हो चुका है। इसके पास टीवी चैनलों, फिल्मों, स्पोर्ट्स और डिजिटल कंटेंट का विशाल नेटवर्क है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में शुरुआती सुनवाई के दौरान JioStar को निर्देश दिया है कि वह Zee के कॉपीराइट वाले कंटेंट का आगे इस्तेमाल न करे। अदालत ने कंपनी को 15 दिनों के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
बाद में अदालत ने दोनों पक्षों की सहमति से इस विवाद को मध्यस्थता (mediation) के लिए भी भेज दिया। दोनों कंपनियां अब दिल्ली हाईकोर्ट मेडिएशन एंड कंसिलिएशन सेंटर में समाधान तलाशने की कोशिश करेंगी।
JioStar ने अदालत में कहा कि उसने कथित उल्लंघन वाले कंटेंट को हटाने के लिए “व्यापक कदम” उठाए हैं। कंपनी का दावा है कि कुछ पुराना कंटेंट केवल आर्काइव के रूप में मौजूद था और उसे कॉपीराइट उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए। हालांकि Zee इस दलील से सहमत नहीं है।
यह विवाद केवल कॉपीराइट तक सीमित नहीं है। Zee और Reliance समूह पहले से ही लंदन में एक अलग मध्यस्थता मामले में भी उलझे हुए हैं, जिसमें क्रिकेट प्रसारण अधिकारों को लेकर लगभग 1 अरब डॉलर का दावा किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भारत के डिजिटल मीडिया और स्ट्रीमिंग सेक्टर में कंटेंट लाइसेंसिंग के महत्व को उजागर करता है। जैसे-जैसे OTT प्लेटफॉर्म और डिजिटल मनोरंजन का बाजार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे कॉपीराइट और कंटेंट उपयोग से जुड़े कानूनी विवाद भी बढ़ते जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, Zee और JioStar के बीच यह कानूनी लड़ाई भारतीय मीडिया उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मामला बन गई है। इसका असर भविष्य में कंटेंट लाइसेंसिंग, डिजिटल स्ट्रीमिंग और कॉपीराइट नियमों पर भी पड़ सकता है।

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