मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए गेहूं खरीद के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 23 मई 2026 तक बढ़ा दी है। पहले यह अंतिम तिथि 9 मई निर्धारित की गई थी, लेकिन किसानों की बढ़ती संख्या और खरीद केंद्रों पर दबाव को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस विस्तार की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी किसान समर्थन मूल्य योजना (MSP Scheme) के लाभ से वंचित न रहे।
सरकार के अनुसार, रबी विपणन सत्र 2026-27 के तहत गेहूं खरीद प्रक्रिया राज्यभर में जारी है। दो मई तक प्रदेश में किसानों से लाखों टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। सरकार ने मूल्य समर्थन योजना के तहत लगभग ₹600 करोड़ की मंजूरी भी दी है, ताकि किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार खरीद केंद्रों पर भारी भीड़ और मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण कई किसानों को स्लॉट बुकिंग में परेशानी हो रही थी। इसी को देखते हुए सरकार ने न केवल अंतिम तारीख बढ़ाई बल्कि खरीद प्रक्रिया की क्षमता भी बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब प्रत्येक खरीद केंद्र पर प्रतिदिन स्लॉट बुकिंग की सीमा 1,000 क्विंटल से बढ़ाकर 2,250 क्विंटल कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर जिला स्तर पर इसे 3,000 क्विंटल तक बढ़ाया जा सकता है।
इसके अलावा, खरीद केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक कांटे (weighing scales) लगाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने प्रत्येक केंद्र पर कांटों की संख्या बढ़ाकर छह करने का फैसला लिया है, ताकि तौल प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके और किसानों को लंबी प्रतीक्षा न करनी पड़े।
सरकार ने यह भी बताया कि खरीदी गई उपज का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है। इससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बनी हुई है। किसानों की उपज की सुरक्षा के लिए राज्य में लगभग 3.55 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाले भंडारण की व्यवस्था भी तैयार की गई है। साथ ही आधुनिक गोदामों का निर्माण भी किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक को भी तेजी से बढ़ावा दे रही है। ‘ई-किसान’ और ‘ई-विकास’ जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए किसानों को मोबाइल पर मौसम, बाजार भाव, योजनाओं और तकनीकी सलाह की जानकारी दी जा रही है। राज्य सरकार ने प्रत्येक किसान को यूनिक डिजिटल आईडी देने की प्रक्रिया भी शुरू की है, जिसमें उनकी भूमि और फसल का पूरा रिकॉर्ड होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाने से किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी और खरीद केंद्रों पर भीड़ कम होगी। इससे MSP पर खरीद प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सकेगी।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश सरकार का यह फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। बढ़ी हुई समयसीमा, अतिरिक्त खरीद क्षमता और डिजिटल व्यवस्थाओं से राज्य में गेहूं खरीद प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।