भारत में अत्यधिक विषैले हर्बीसाइड Paraquat Dichloride पर जल्द ही देशव्यापी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। किसानों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा लगातार उठाई जा रही चिंताओं के बीच केंद्र सरकार पर इस रसायन को बैन करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। Paraquat को दुनिया के सबसे खतरनाक कृषि रसायनों में गिना जाता है और कई देशों में इस पर पहले से प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
हाल के महीनों में तेलंगाना सहित कई राज्यों में Paraquat से जुड़ी मौतों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के मामले सामने आए हैं। इसके बाद तेलंगाना सरकार ने अप्रैल 2026 में Paraquat की बिक्री, उपयोग और वितरण पर 60 दिनों का अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया था। राज्य सरकार ने केंद्र से देशभर में स्थायी प्रतिबंध लगाने की मांग भी की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि Paraquat बेहद जहरीला रसायन है और इसकी थोड़ी मात्रा भी इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फेफड़ों, किडनी, लिवर और अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि Paraquat poisoning का अभी तक कोई प्रभावी एंटीडोट (antidote) उपलब्ध नहीं है।
तेलंगाना में डॉक्टरों और सामाजिक संगठनों ने दावा किया है कि पिछले कुछ वर्षों में हजारों मौतें Paraquat poisoning से जुड़ी हो सकती हैं। कई मामलों में किसान और ग्रामीण लोग इस रसायन के संपर्क में आने से गंभीर रूप से बीमार हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, Paraquat का उपयोग मुख्य रूप से खरपतवार नियंत्रण (weed control) के लिए किया जाता है। यह तेजी से असर करने वाला हर्बीसाइड है और कम लागत के कारण किसानों के बीच लोकप्रिय रहा है। लेकिन इसकी उच्च विषाक्तता ने इसे विवादों के केंद्र में ला दिया है।
कई सांसदों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने संसद में भी इस मुद्दे को उठाया है। उनका कहना है कि दुनिया के 70 से अधिक देशों में Paraquat पर प्रतिबंध है, ऐसे में भारत को भी जल्द सख्त कदम उठाने चाहिए।
विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि Paraquat केवल इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि मिट्टी, पानी और पर्यावरण के लिए भी खतरनाक है। लंबे समय तक इसके उपयोग से पर्यावरण प्रदूषण और जैव विविधता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
हालांकि कुछ कृषि संगठनों का मानना है कि अचानक पूर्ण प्रतिबंध से किसानों को कठिनाई हो सकती है, क्योंकि यह खरपतवार नियंत्रण के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में विशेषज्ञ सुरक्षित विकल्पों और जागरूकता कार्यक्रमों की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।
केंद्र सरकार फिलहाल इस मामले पर विभिन्न एजेंसियों और विशेषज्ञों से राय ले रही है। अगर देशव्यापी प्रतिबंध लागू होता है, तो यह भारत की कृषि और कीटनाशक नीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा।
कुल मिलाकर, Paraquat को लेकर बढ़ती स्वास्थ्य चिंताओं ने सरकार को सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। आने वाले समय में इस रसायन पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है, जिसका असर किसानों, कृषि उद्योग और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर व्यापक रूप से पड़ेगा।