भारत की तेजी से बढ़ती ई-कॉमर्स कंपनी Meesho ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का शुद्ध घाटा 88 प्रतिशत घटकर ₹166 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह घाटा ₹1,391 करोड़ था। कंपनी की बढ़ती यूज़र एक्टिविटी, अधिक ऑर्डर और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी ने इस सुधार में अहम भूमिका निभाई।
कंपनी के अनुसार, मार्च 2026 तिमाही में उसका ऑपरेशनल रेवेन्यू 47 प्रतिशत बढ़कर ₹3,531 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹2,400 करोड़ था। यह वृद्धि दर्शाती है कि Meesho भारत के वैल्यू ई-कॉमर्स मार्केट में लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
Meesho ने बताया कि इस तिमाही में कंपनी का Net Merchandise Value (NMV) 43 प्रतिशत बढ़कर ₹11,371 करोड़ हो गया। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर कुल 717 मिलियन ऑर्डर प्रोसेस किए गए, जो पिछले साल की तुलना में 43 प्रतिशत अधिक हैं। यह बढ़ोतरी नए यूज़र्स के जुड़ने और मौजूदा ग्राहकों की बढ़ती खरीदारी आवृत्ति (higher user frequency) के कारण हुई।
पूरे FY26 की बात करें तो Meesho का वार्षिक राजस्व बढ़कर ₹12,626 करोड़ हो गया, जबकि वार्षिक घाटा 66 प्रतिशत घटकर ₹1,357 करोड़ पर आ गया। कंपनी के Annual Transacting Users की संख्या भी 33 प्रतिशत बढ़कर 264 मिलियन तक पहुंच गई।
कंपनी के CEO विदित आत्रेय ने कहा कि भारत में ई-कॉमर्स मार्केट की संभावनाएं अभी बहुत बड़ी हैं। उनके अनुसार, भारत में अभी केवल लगभग 30 प्रतिशत स्मार्टफोन यूज़र्स ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, जबकि चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे बाजारों में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि Meesho का फोकस ऐसे ग्राहकों तक पहुंचने पर है जिनके लिए पारंपरिक ई-कॉमर्स अभी पूरी तरह सुविधाजनक नहीं है।
Meesho ने अपनी तकनीकी क्षमताओं को भी मजबूत किया है। कंपनी ने बताया कि अब उसके 70 प्रतिशत से अधिक कोड AI आधारित सिस्टम्स की मदद से तैयार किए जा रहे हैं। AI का उपयोग प्रोडक्ट डिस्कवरी, लॉजिस्टिक्स और विज्ञापन सेवाओं को बेहतर बनाने में किया जा रहा है।
हालांकि कंपनी का EBITDA घाटा थोड़ा बढ़ा है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि Meesho धीरे-धीरे लाभप्रदता (profitability) की दिशा में आगे बढ़ रही है। लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और बेहतर यूनिट इकॉनॉमिक्स से कंपनी को फायदा मिल रहा है।
Meesho के मजबूत नतीजों के बाद शेयर बाजार में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। कंपनी के शेयरों में 7 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई और कई ब्रोकरेज हाउसेज़ ने इसके भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत दिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में वैल्यू-आधारित ऑनलाइन शॉपिंग की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में Meesho जैसी कंपनियां छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों में तेजी से विस्तार कर सकती हैं।
कुल मिलाकर, Meesho का Q4 प्रदर्शन यह दिखाता है कि कंपनी अब केवल ग्रोथ पर ही नहीं बल्कि टिकाऊ बिजनेस मॉडल और लागत नियंत्रण पर भी ध्यान दे रही है। आने वाले समय में AI, लॉजिस्टिक्स सुधार और बढ़ती यूज़र बेस कंपनी की ग्रोथ को और मजबूत कर सकते हैं।