भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास के बीच Nasscom ने अपने GenAI Foundry प्रोग्राम के तहत 33 नए हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप्स को शामिल किया है। 17 अप्रैल 2026 को घोषित इस चौथे कोहोर्ट के साथ, यह पहल भारत में जनरेटिव एआई (GenAI) आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
GenAI Foundry प्रोग्राम का उद्देश्य ऐसे स्टार्टअप्स को समर्थन देना है जो जनरेटिव एआई तकनीकों का उपयोग करके वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उत्पाद और समाधान विकसित कर रहे हैं। इस प्रोग्राम के तहत चयनित स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, निवेश के अवसर, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार तक पहुंच जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
Nasscom के अनुसार, इस प्रोग्राम में शामिल कई स्टार्टअप्स ने उल्लेखनीय प्रगति की है। खास बात यह है कि कुछ संस्थापकों ने इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने के बाद अपनी फंडिंग महत्वाकांक्षाओं को 9 गुना तक बढ़ाया है। यह संकेत देता है कि निवेशकों का भरोसा GenAI सेक्टर पर लगातार बढ़ रहा है और स्टार्टअप्स को स्पष्ट ग्रोथ पाथ मिल रहा है।
चौथे कोहोर्ट में शामिल 33 स्टार्टअप्स विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जैसे कि हेल्थकेयर, फिनटेक, एजुकेशन, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और कस्टमर एक्सपीरियंस। इन स्टार्टअप्स का फोकस एआई के जरिए जटिल समस्याओं को हल करना और बेहतर डिजिटल समाधान प्रदान करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जनरेटिव एआई आने वाले वर्षों में टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री को पूरी तरह बदल सकता है। ऐसे में Nasscom का यह प्रोग्राम भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक लीडर बनाने में मदद कर सकता है। यह न केवल इनोवेशन को बढ़ावा देता है, बल्कि स्टार्टअप्स को स्केल करने के लिए जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराता है।
इसके अलावा, इस पहल से भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी मजबूती मिल रही है। अधिक निवेश, बेहतर नेटवर्किंग और वैश्विक एक्सपोजर के कारण भारतीय स्टार्टअप्स अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। GenAI Foundry जैसे प्लेटफॉर्म इस बदलाव को तेज करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
हालांकि, GenAI सेक्टर में तेजी से बढ़ते अवसरों के साथ चुनौतियां भी मौजूद हैं। डेटा प्राइवेसी, एथिक्स और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क जैसे मुद्दों पर स्टार्टअप्स को सावधानी से काम करना होगा। इसके अलावा, तकनीकी प्रतिस्पर्धा भी लगातार बढ़ रही है, जिससे इन कंपनियों को लगातार इनोवेशन करना होगा।
Nasscom का मानना है कि सही दिशा और समर्थन के साथ ये स्टार्टअप्स न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। इस प्रोग्राम के जरिए उन्हें वह प्लेटफॉर्म मिल रहा है, जहां से वे अपने आइडियाज को बड़े स्तर पर ले जा सकते हैं।