इंदौर में बुजुर्गों की देखभाल से जुड़ा एक नया व्यावसायिक (वोकेशनल) कोर्स शुरू किया गया है, जो तेजी से उभरते सेवा क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कोर्स की शुरुआत आईटीआई स्तर पर की गई है और इसका उद्देश्य युवाओं को बुजुर्गों की देखभाल से संबंधित कौशल प्रदान करना है।

समाज में बढ़ती उम्रदराज आबादी के साथ-साथ अब बुजुर्गों की देखभाल एक महत्वपूर्ण आवश्यकता बनती जा रही है। बदलती जीवनशैली, संयुक्त परिवारों का टूटना और कामकाजी लोगों की व्यस्तता के कारण घरों में बुजुर्गों की देखभाल के लिए पेशेवर सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इस तरह का कोर्स युवाओं को एक नए और स्थायी रोजगार क्षेत्र से जोड़ने का काम करेगा।

इस कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षित होने वाले युवाओं को बुजुर्गों की दैनिक देखभाल, स्वास्थ्य संबंधी प्राथमिक सहायता, मानसिक सहयोग और आपात स्थिति में सहायता जैसे कौशल सिखाए जाएंगे। इससे वे केयरगिवर, होम केयर असिस्टेंट, या वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सेवाएं प्रदान करने वाले संस्थानों में काम करने के लिए तैयार हो सकेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एल्डरली केयर सेक्टर तेजी से बढ़ेगा। इसमें न केवल नौकरी के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि नए व्यवसाय और स्टार्टअप्स के लिए भी रास्ते खुलेंगे। जैसे—होम केयर सर्विस, डे-केयर सेंटर, और सीनियर लिविंग फैसिलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश और विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।

इंदौर जैसे विकसित होते शहर में इस पहल का प्रभाव और भी व्यापक हो सकता है। यहां पहले से ही हेल्थकेयर और सेवा क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। ऐसे में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता से इस सेक्टर को और मजबूती मिलेगी।

यह कोर्स न केवल रोजगार सृजन में मदद करेगा, बल्कि समाज में बुजुर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में भी योगदान देगा। प्रशिक्षित केयरगिवर्स के माध्यम से बुजुर्गों को बेहतर देखभाल, सुरक्षा और सम्मान मिल सकेगा, जो वर्तमान समय की एक बड़ी जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *