सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों और हाई-टेक उपकरणों में जरूरी रेयर अर्थ खनिजों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए घरेलू उत्पादन पर फोकस किया, विदेशी निर्भरता घटाने की रणनीति पर काम जारी।

भारत ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और हाई-टेक उपकरणों के लिए आवश्यक रेयर अर्थ खनिजों की आपूर्ति को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

सरकार अब रेयर अर्थ खनिजों के खनन और रिफाइनिंग की प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है, ताकि देश को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सके और चीन जैसे देशों पर निर्भरता घटाई जा सके।

रेयर अर्थ खनिज – जैसे नियोडाइमियम, प्रासियोडाइमियम और डाइसप्रोसियम – इलेक्ट्रिक मोटर्स, विंड टर्बाइन्स, बैटरियों और अन्य हाई-टेक उत्पादों के लिए अनिवार्य हैं। बढ़ती वैश्विक मांग के बीच, भारत सरकार ने इन खनिजों के दोहन को रणनीतिक प्राथमिकता दी है।

सूत्रों के अनुसार, भारत में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों को मिलाकर कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें खनन से लेकर शोधन (refining) तक की पूरी प्रक्रिया को देश में ही संपन्न करने की योजना है। साथ ही, भारत विदेशी निवेश को आकर्षित करने और तकनीकी सहयोग के माध्यम से इस क्षेत्र को विकसित करने की कोशिश कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को न केवल वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत बनाएगा, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा में बढ़त भी देगा।