कर्ज के बोझ से दबी Jaypee Infra (JIL) को टेकओवर करने के लिए फाइनेंशियल क्रेडिटर्स और होमबायर्स ने मुंबई के सुरक्षा ग्रुप को स्वीकृति दे दी है। JIL के लिए 10 दिन का बिडिंग प्रोसेस बुधवार को समाप्त हुआ। सुरक्षा ग्रुप को 98 प्रतिशत से अधिक वोट मिले।
JIL के इंटरिम रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (IRP), अनुज जैन ने बताया, “सुरक्षा ग्रुप ने 98.66 प्रतिशत वोट्स के साथ बिड जीत ली है।” उन्होंने कहा कि NBCC को इससे 0.12 प्रतिशत कम वोट मिले हैं।
सुरक्षा ग्रुप ने 6,456 करोड़ रुपये की फेयर वैल्यू के साथ सिक्योर्ड फाइनेंशियल क्रेडिटर्स को 2,552 एकड़ जमीन की पेशकश की थी। JIL के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स को 40 महीनों में पूरा करने के लिए सुरक्षा ग्रुप 3,000 करोड़ रुपये लगाएगा।
क्रेडिटर्स की कमेटी (CoC) के फैसले के बारे में सुरक्षा ग्रुप के प्रवक्ता ने “हम केंद्र सरकार, सुप्रीम कोर्ट, बैंकों, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस और होमबायर्स सहित सभी स्टेकहोल्डर्स को धन्यवाद देते हैं। हम होमबायर्स को लेकर प्रतिबद्ध हैं और उन्हें आश्वासन देते हैं कि कंस्ट्रक्शन को तेजी से पूरा कर हमारे रिजॉल्यूशन प्लान के अनुसार डिलीवरी दी जाएगी।”
JIL का रिजॉल्यूशन प्रोसेस सफल रहने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कंपनी की ओर से शुरू किए गए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के 20,000 से अधिक होमबायर्स को बड़ी राहत मिलेगी।
CoC में 12 बैंकों और 20,000 से अधिक होमबायर्स के वोटिंग राइट्स थे। होमबायर्स के पास वोटिंग राइट्स में 56.63 प्रतिशत और क्रेडिटर्स के पास 43.25 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी। फिक्स्ड डिपॉजिट होल्डर्स के पास 0.13 प्रतिशत वोटिंग राइट्स थे।
