हर साल 28 अप्रैल को मनाया जाने वाला World Day for Safety and Health at Work इस वर्ष भी दुनियाभर में जागरूकता और प्रतिबद्धता के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन का उद्देश्य कार्यस्थलों पर होने वाली दुर्घटनाओं और बीमारियों को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित व स्वस्थ कार्य वातावरण को बढ़ावा देना है।
यह दिवस International Labour Organization (ILO) द्वारा 2003 में शुरू किया गया था, ताकि वैश्विक स्तर पर कार्यस्थल सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सके। आज यह दिन न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा बल्कि उनके मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान केंद्रित करता है।
साल 2026 की थीम “स्वस्थ मनोसामाजिक कार्य वातावरण सुनिश्चित करना” रखी गई है। इस थीम के तहत कार्यस्थलों पर बढ़ते तनाव, काम का दबाव, मानसिक थकान, और कार्य संस्कृति जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अब सुरक्षा केवल शारीरिक जोखिमों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को भी उतना ही महत्व देना जरूरी हो गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया भर में हर साल लाखों लोग कार्यस्थल से जुड़ी दुर्घटनाओं और बीमारियों के कारण अपनी जान गंवाते हैं, जबकि करोड़ों लोग चोट या स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित होते हैं। ऐसे में यह दिन सरकारों, कंपनियों और कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन जाता है, जहां वे मिलकर बेहतर सुरक्षा उपायों पर काम कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित और स्वस्थ कार्य वातावरण न केवल कर्मचारियों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है, बल्कि उत्पादकता और संगठन की कार्यक्षमता को भी बढ़ाता है। कंपनियां इस दिन विभिन्न कार्यक्रम, प्रशिक्षण सत्र और जागरूकता अभियानों के माध्यम से कर्मचारियों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करती हैं।
इसके साथ ही, यह दिन कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को भी रेखांकित करता है। अत्यधिक काम का दबाव, असंतुलित कार्य-जीवन और खराब संचार जैसे कारक कर्मचारियों के प्रदर्शन और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए, संगठनों को एक सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
विश्व स्तर पर यह दिवस Workers’ Memorial Day के रूप में भी मनाया जाता है, जिसमें उन श्रमिकों को श्रद्धांजलि दी जाती है जिन्होंने कार्यस्थल पर अपनी जान गंवाई या गंभीर चोटें झेली हैं।