साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए RBI और DoT की साझा पहल
दूरसंचार विभाग (DoT) ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की 30 जून 2025 को जारी उस सलाह का स्वागत किया है, जिसमें सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक और सहकारी बैंकों को वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (Financial Fraud Risk Indicator – FRI) को अपने सिस्टम में शामिल करने का निर्देश दिया गया है। यह उपकरण DoT के डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) द्वारा मई 2025 में शुरू किया गया था और पहले से ही PhonePe, पंजाब नेशनल बैंक, HDFC बैंक, ICICI बैंक, Paytm और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक जैसे प्रमुख संस्थानों द्वारा उपयोग में लाया जा रहा है।
FRI टूल मोबाइल नंबरों को मध्यम, उच्च या अत्यधिक धोखाधड़ी जोखिम वाले वर्गों में रीयल टाइम में वर्गीकृत करता है। इसकी जानकारी भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, DoT के चक्षु प्लेटफॉर्म और बैंकों द्वारा साझा की गई खुफिया सूचनाओं से जुटाई जाती है। DoT ने इसे साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ एक अहम कदम बताया है और कहा है कि API-आधारित एकीकरण के ज़रिए डेटा का स्वत: आदान-प्रदान बैंक और DoT के बीच तेज़ और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
