इंदौर शहर में प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा नियमों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए लगभग 100 व्यावसायिक इमारतों को 48 घंटे के भीतर आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने का अल्टीमेटम दिया है। यह कदम हाल के निरीक्षणों में सामने आई गंभीर कमियों के बाद उठाया गया है, जिनसे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी।
जांच के दौरान पाया गया कि कई इमारतों में फायर सेफ्टी से जुड़े बुनियादी इंतजाम जैसे फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और फायर हाइड्रेंट या तो मौजूद नहीं थे या फिर काम नहीं कर रहे थे। कुछ स्थानों पर इमरजेंसी निकास मार्ग भी अवरुद्ध पाए गए, जिससे आपात स्थिति में लोगों के बाहर निकलने में बाधा आ सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सभी भवन मालिकों और संचालकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर इन कमियों को दूर करना होगा। यदि 48 घंटे के भीतर आवश्यक सुधार नहीं किए गए, तो संबंधित इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सीलिंग, लाइसेंस निरस्तीकरण और अन्य कानूनी कदम शामिल हो सकते हैं।
इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करवाना ही नहीं, बल्कि शहर में काम करने वाले हजारों लोगों और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। इंदौर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बड़ी संख्या में मॉल, कॉम्प्लेक्स, ऑफिस बिल्डिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं, जहां रोजाना भारी भीड़ रहती है। ऐसे में अग्नि सुरक्षा उपायों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान नियमित रूप से अपने फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच करें और कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षण दें। साथ ही, भवनों में स्पष्ट दिशा-निर्देश और संकेतक लगाए जाएं, ताकि किसी भी आपदा के समय लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने में आसानी हो।
शहर में यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा, जिसमें अन्य इमारतों का भी निरीक्षण किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस सख्त रुख से जहां एक ओर व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर दबाव बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर यह कदम शहर को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नागरिकों और व्यापारियों से भी अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और सुरक्षा को प्राथमिकता दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।