पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में पहली बार सरकार बनाई है और वरिष्ठ भाजपा नेता Suvendu Adhikari ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया इतिहास रच दिया। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi समेत कई वरिष्ठ एनडीए नेता मौजूद रहे।
2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत ने राज्य में 15 वर्षों से चल रही तृणमूल कांग्रेस सरकार का अंत कर दिया। भाजपा विधायक दल की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को नेता चुने जाने के बाद उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हुआ था।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ जिन नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें भाजपा के कई बड़े और प्रभावशाली चेहरे शामिल हैं। शुरुआती कैबिनेट में Dilip Ghosh, Agnimitra Paul, Ashok Kirtania, Nisith Pramanik और Kshudiram Tudu को शामिल किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने अपनी नई बंगाल कैबिनेट में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाने की कोशिश की है। दिलीप घोष लंबे समय से बंगाल भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे हैं, जबकि अग्निमित्रा पॉल महिला नेतृत्व और शहरी वोट बैंक में मजबूत पकड़ रखती हैं। निशीथ प्रमाणिक उत्तर बंगाल में भाजपा के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।
शुभेंदु अधिकारी की ताजपोशी को भाजपा के लिए पूर्वी भारत में बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है। नंदीग्राम से अपनी पहचान बनाने वाले अधिकारी ने पिछले कुछ वर्षों में बंगाल भाजपा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। विधानसभा चुनाव में भाजपा की रणनीति, संगठन और आक्रामक प्रचार अभियान का असर साफ तौर पर दिखाई दिया।
नई सरकार के सामने अब कानून व्यवस्था, उद्योग, रोजगार, निवेश और ग्रामीण विकास जैसे बड़े मुद्दे होंगे। भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान भ्रष्टाचार पर कार्रवाई, प्रशासनिक सुधार और तेज विकास का वादा किया था। ऐसे में अब राज्य की जनता की नजरें नई सरकार के कामकाज पर टिकी हैं।
राजनीतिक तौर पर यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पश्चिम बंगाल लंबे समय तक वामपंथ और फिर तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ रहा है। भाजपा की यह जीत राज्य की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत मानी जा रही है।