ऑन-डिमांड होम सर्विस प्लेटफॉर्म Urban Company ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का शुद्ध घाटा बढ़कर ₹161 करोड़ पहुंच गया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का घाटा केवल ₹2.8 करोड़ था, यानी इस बार नुकसान में बड़ा उछाल देखने को मिला है। हालांकि, मजबूत राजस्व वृद्धि के बावजूद बढ़ते खर्च और नए बिजनेस में निवेश के कारण कंपनी के घाटे में इजाफा हुआ है।
कंपनी के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 के दौरान Urban Company का कुल राजस्व 43% बढ़कर ₹426 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष इसी तिमाही में ₹298 करोड़ था। यह वृद्धि कंपनी के मुख्य होम सर्विस बिजनेस और नए ग्राहकों की बढ़ती मांग की वजह से दर्ज की गई। मजबूत टॉपलाइन ग्रोथ के बावजूद कंपनी की लाभप्रदता पर दबाव बना रहा।
Urban Company ने बताया कि उसके नए वर्टिकल ‘InstaHelp’ में भारी निवेश के कारण नुकसान बढ़ा है। InstaHelp कंपनी का हाई-फ्रीक्वेंसी हाउसकीपिंग और क्विक सर्विस प्लेटफॉर्म है, जिसे तेजी से विस्तार दिया जा रहा है। Q4 के दौरान इस सेगमेंट में कंपनी का EBITDA घाटा ₹119 करोड़ रहा, क्योंकि मार्केट शेयर बढ़ाने के लिए सब्सिडी, सप्लाई नेटवर्क और मार्केटिंग पर बड़े स्तर पर खर्च किया गया।
कंपनी के संस्थापक और CEO अभिराज सिंह भाल ने कहा कि InstaHelp में निवेश एक रणनीतिक फैसला है और कंपनी इसे भविष्य की ग्रोथ इंजन के रूप में देख रही है। उनका कहना है कि अल्पकालिक घाटे के बावजूद यह निवेश लंबे समय में कंपनी को बाजार में मजबूत स्थिति दिला सकता है।
Urban Company के मुख्य बिजनेस, यानी भारत में होम सर्विसेज़ (InstaHelp को छोड़कर), ने अच्छा प्रदर्शन किया है। इस सेगमेंट में EBITDA पॉजिटिव बना हुआ है और कंपनी को उम्मीद है कि मुख्य कारोबार आगे भी मुनाफे में रहेगा। इसके अलावा कंपनी का इंटरनेशनल बिजनेस भी बढ़ा, हालांकि पश्चिम एशिया संकट के कारण कुछ बाजारों में दबाव देखा गया।
नतीजों के बाद शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों पर दबाव देखने को मिला और स्टॉक में करीब 6% की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की चिंता फिलहाल कंपनी की बढ़ती लागत और लगातार नुकसान को लेकर बनी हुई है।
कुल मिलाकर, Urban Company का Q4 प्रदर्शन दिखाता है कि कंपनी तेजी से विस्तार कर रही है, लेकिन इस ग्रोथ की कीमत फिलहाल बढ़ते घाटे के रूप में चुकानी पड़ रही है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपने नए निवेशों को लाभदायक बनाने में कितनी सफल होती है।