FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी Britannia Industries ने पश्चिम एशिया संकट के बीच अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने अपने नॉर्थ अमेरिका एक्सपोर्ट बिजनेस के लिए मैन्युफैक्चरिंग को ओमान से भारत के गुजरात स्थित मुंद्रा प्लांट में शिफ्ट कर दिया है। यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में बाधाओं के बीच लिया गया है।
Britannia के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO रजनीश हरगावे ने बताया कि पश्चिम एशिया में संकट के कारण कंपनी को अपने अंतरराष्ट्रीय कारोबार में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खासतौर पर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में बाधा के चलते जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे कंपनी के एक्सपोर्ट डिस्पैच पर असर पड़ा। इसी चुनौती से निपटने के लिए उत्पादन को भारत वापस लाने का फैसला किया गया।
कंपनी का कहना है कि भारत में उत्पादन शिफ्ट करने से न केवल सप्लाई चेन मजबूत होगी बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत और समय पर भी बेहतर नियंत्रण मिलेगा। मुंद्रा प्लांट से नॉर्थ अमेरिका के लिए शिपमेंट आसान होगा, जिससे डिलीवरी में होने वाली देरी कम की जा सकेगी।
हालांकि पश्चिम एशिया संकट का असर केवल सप्लाई चेन तक सीमित नहीं है। कंपनी ने बताया कि ईंधन, पैकेजिंग और समुद्री मालभाड़े की लागत में करीब 20% तक बढ़ोतरी हुई है। इससे लागत दबाव बढ़ा है, जिसे संतुलित करने के लिए Britannia कुछ उत्पादों की कीमत बढ़ाने और बड़े पैक्स में ग्रामेज कम करने पर विचार कर रही है।
ब्रिटानिया ने यह भी कहा कि घरेलू बाजार में उसकी स्थिति मजबूत बनी हुई है। शहरी क्षेत्रों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर मांग अच्छी बनी हुई है, जबकि ग्रामीण बाजारों में कुछ चुनौतियां हैं। कंपनी का मानना है कि भारत में मजबूत उत्पादन आधार और विविध सप्लाई नेटवर्क उसे भविष्य के जोखिमों से बचाने में मदद करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि Britannia का यह कदम बताता है कि भारतीय कंपनियां अब वैश्विक भू-राजनीतिक संकटों के बीच अपनी सप्लाई चेन रणनीति को तेजी से बदल रही हैं। इससे भारत एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भी मजबूत हो सकता है।
कुल मिलाकर, Britannia द्वारा उत्पादन को ओमान से भारत शिफ्ट करना केवल एक बिजनेस फैसला नहीं, बल्कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच सप्लाई चेन सुरक्षा और लागत नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इसका असर कंपनी की ग्रोथ और अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर सकारात्मक दिख सकता है।