मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) कृषि मंत्रियों की बैठक में सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से ‘इंदौर घोषणा’ (Indore Declaration) को अपनाया। इस घोषणा के तहत किसानों के अधिकारों की सुरक्षा, पारंपरिक बीजों के संरक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल पर सहमति बनी।
बैठक में सबसे अहम फैसला “ग्लोबल फोरम ऑन फार्मर्स राइट्स इन सीड सिस्टम्स” की स्थापना का रहा। यह मंच किसानों के बीज संबंधी अधिकारों की रक्षा, पारंपरिक बीज ज्ञान के संरक्षण और टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने का काम करेगा। इस पहल के समन्वय की जिम्मेदारी भारत को सौंपी गई है।
इसके अलावा, सदस्य देशों ने डिजिटल एग्रीकल्चर नेटवर्क बनाने पर भी सहमति जताई। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना है, जिससे खेती को अधिक स्मार्ट, उत्पादक और टिकाऊ बनाया जा सके।
बैठक में ‘ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज’ (BRICS Grain Exchange) को शुरू करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस पहल का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच खाद्यान्न व्यापार को मजबूत करना, आपूर्ति श्रृंखला को अधिक प्रभावी बनाना और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘इंदौर घोषणा’ ब्रिक्स देशों के बीच कृषि सहयोग को नई दिशा देगी। किसानों के अधिकारों की रक्षा, पारंपरिक कृषि ज्ञान का संरक्षण, डिजिटल तकनीकों का विस्तार और खाद्यान्न व्यापार को मजबूत बनाने जैसे कदम वैश्विक कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं।
