न्यूमालिगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) ने भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसके तहत देश का पहला 5जी कैप्टिव नॉन-पब्लिक नेटवर्क (सीएनपीएन) स्थापित किया जाएगा। यह नेटवर्क असम के गोलाघाट जिले में स्थित एनआरएल के रिफाइनरी परिसर में स्थापित किया जाएगा।

यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन के तहत भारत में औद्योगिक क्षेत्र को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। 5जी सीएनपीएन से रिफाइनरी की परिचालन दक्षता, निगरानी क्षमता और सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा।

बीएसएनएल इस परियोजना में तकनीकी भागीदारों के साथ मिलकर नेटवर्क की स्थापना और संचालन सुनिश्चित करेगा। यह नेटवर्क पूरी तरह निजी होगा और इसे केवल एनआरएल की आंतरिक जरूरतों के लिए उपयोग किया जाएगा।

यह पहल भारत में औद्योगिक 5जी नेटवर्क की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है और अन्य सार्वजनिक व निजी उद्योगों के लिए उदाहरण बन सकती है।

इस परियोजना के तहत 5जी तकनीक का उपयोग रिफाइनरी के भीतर विभिन्न ऑटोमेशन प्रक्रियाओं, रियल-टाइम डेटा ट्रांसमिशन, मशीन-टू-मशीन कम्युनिकेशन और दूरस्थ निगरानी जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। इससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ परिचालन लागत में भी कमी आने की उम्मीद है। इसके अलावा, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और रिस्पॉन्स टाइम को बेहतर बनाने में भी यह नेटवर्क सहायक सिद्ध होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के निजी 5जी नेटवर्क उद्योगों को अधिक आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाएंगे। एनआरएल का यह कदम न केवल पूर्वोत्तर भारत के औद्योगिक विकास में सहायक होगा, बल्कि देश में 5जी तकनीक के व्यावसायिक उपयोग का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। आने वाले समय में ऐसे नेटवर्क स्मार्ट फैक्ट्रियों, ऑटोमोबाइल, स्वास्थ्य सेवाओं और ऊर्जा क्षेत्र में भी अपनाए जा सकते हैं।