इनकम टैक्स विभाग ने आज नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट के रजिस्टर्ड ऑफिस पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 133A के तहत सर्वे कार्रवाई शुरू की है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कहा है कि वह पूरी तरह से अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है और आवश्यक जानकारी साझा की जा रही है। कंपनी ने यह भी बताया कि सर्वे अभी पूरा नहीं हुआ है और जरूरत पड़ने पर सेबी (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के तहत जरूरी खुलासे किए जाएंगे। कंपनी का कारोबार सामान्य रूप से जारी है।

इससे पहले  इनकम टैक्स विभाग ने जेन स्ट्रीट के मुंबई स्थित कार्यालयों पर भी सर्वे किया था। नुवामा, भारत में जेन स्ट्रीट की ऑन-ग्राउंड ट्रेडिंग पार्टनर है। गौरतलब है कि 4 जुलाई को सेबी ने अमेरिकी हेज फंड जेन स्ट्रीट पर भारतीय बाजारों में ट्रेडिंग करने पर प्रतिबंध लगा दिया था। सेबी का आरोप था कि जेन स्ट्रीट ने डेरिवेटिव्स में अपनी पोजिशन के माध्यम से स्टॉक इंडेक्स में हेरफेर किया।

इसके बाद, जेन स्ट्रीट ने सेबी द्वारा “गैरकानूनी मुनाफा” माने गए ₹4,843 करोड़ एक एस्क्रो अकाउंट में जमा कराए, ताकि ट्रेडिंग फिर से शुरू की जा सके, साथ ही अपने कानूनी अधिकार सुरक्षित रखे। हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए अपने ट्रेड्स को सामान्य आर्बिट्राज बताया। पिछले सप्ताह सेबी ने यह राशि जमा होने के बाद जेन स्ट्रीट पर लगा ट्रेडिंग प्रतिबंध हटा दिया।

सेबी के अनुसार, जेन स्ट्रीट ने बैंक निफ्टी इंडेक्स से जुड़े शेयरों को सुबह के सत्र में कैश और फ्यूचर्स मार्केट में बड़ी मात्रा में खरीदकर इंडेक्स को कृत्रिम रूप से सहारा देने की कोशिश की, जबकि साथ ही उन्होंने इंडेक्स ऑप्शंस में भारी शॉर्ट पोजिशन बना रखी थी।