बढ़ते साइबर अपराधों के बीच भारत की अग्रणी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में साइबर सुरक्षा को लेकर बड़ी कामयाबी हासिल की है। एयरटेल ने सिर्फ 55 दिनों में 60 लाख से ज्यादा यूज़र्स को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाया है। यह संभव हुआ एयरटेल के AI-आधारित फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम की मदद से, जो हर यूज़र को रीयल टाइम में अलर्ट और सुरक्षा प्रदान करता है।

यह सिस्टम SMS, WhatsApp, Instagram, Telegram, ईमेल और अन्य ब्राउज़र्स पर भेजे गए संदिग्ध लिंक को महज़ 100 मिलीसेकंड में स्कैन और ब्लॉक कर देता है। किसी यूज़र द्वारा जैसे ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया जाता है, एयरटेल का AI सिस्टम सक्रिय होकर उसे खतरनाक मानते ही “ब्लॉक कर दिया गया!” चेतावनी संदेश दिखाता है।

इस पहल की जानकारी एयरटेल के एमपी और छत्तीसगढ़ के सीईओ रितेश अग्रवाल ने रायपुर में ईओडब्ल्यू/एसीबी के निदेशक श्री अमरेश मिश्रा (IPS) से मुलाकात के दौरान साझा की। अग्रवाल ने कहा, “हमारा लक्ष्य हर यूज़र को बिना किसी अतिरिक्त ऐप या प्रयास के, नेटवर्क स्तर पर सुरक्षित अनुभव देना है। यह सेवा पूरी तरह नि:शुल्क है और बैकग्राउंड में खुद सक्रिय रहती है।”

अमरेश मिश्रा ने कहा, “जैसे-जैसे ऑनलाइन फ्रॉड के तरीके बदल रहे हैं, वैसे-वैसे ऐसे AI सुरक्षा उपाय अत्यंत आवश्यक हैं। एयरटेल जैसी कंपनियों की भागीदारी से साइबर अपराध के खिलाफ हमारी लड़ाई और मजबूत हो रही है।”