Apple के आगामी iOS 27 अपडेट को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इस नए सॉफ्टवेयर अपडेट के साथ कुछ पुराने iPhone मॉडल्स का सपोर्ट बंद कर सकती है। हर साल की तरह Apple इस बार भी अपने पुराने डिवाइस को चरणबद्ध तरीके से अपडेट सूची से बाहर करने की योजना बना रहा है, ताकि नए हार्डवेयर और एडवांस फीचर्स पर बेहतर फोकस किया जा सके।
ताज़ा रिपोर्ट्स और लीक के अनुसार, iOS 27 के साथ जिन iPhones को सपोर्ट नहीं मिलने की संभावना है, उनमें iPhone 11, iPhone 11 Pro, iPhone 11 Pro Max और iPhone SE (2nd generation) शामिल हो सकते हैं। ये सभी डिवाइस फिलहाल iOS 26 तक सपोर्टेड हैं, लेकिन नए अपडेट में इन्हें बाहर किया जा सकता है।
इन डिवाइस के बाहर होने की मुख्य वजह उनकी हार्डवेयर क्षमता मानी जा रही है। ये सभी iPhones A13 Bionic चिप पर आधारित हैं, जो अब नए AI-आधारित फीचर्स और एडवांस सिस्टम अपडेट को पूरी तरह सपोर्ट करने में सक्षम नहीं माने जा रहे।
iOS 27 को Apple जून 2026 में होने वाले WWDC 2026 के दौरान पेश कर सकता है, जबकि इसका फाइनल वर्जन सितंबर 2026 तक रोलआउट होने की उम्मीद है। इस नए अपडेट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फीचर्स, बेहतर प्राइवेसी कंट्रोल और कस्टमाइजेशन के नए विकल्प देखने को मिल सकते हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, iOS 27 का सपोर्ट iPhone 12 और उससे नए मॉडल्स पर जारी रह सकता है। यानी iPhone 12, iPhone 13, iPhone 14 और इसके बाद लॉन्च हुए सभी iPhones इस अपडेट का फायदा उठा पाएंगे।
Apple आमतौर पर अपने iPhones को 5 से 7 साल तक सॉफ्टवेयर अपडेट और सिक्योरिटी सपोर्ट देता है। ऐसे में पुराने मॉडल्स को हटाना कंपनी की सामान्य रणनीति का हिस्सा होता है, जिससे यूजर्स को नए डिवाइस अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
हालांकि, जिन यूजर्स के पास पुराने iPhone हैं, उनके लिए चिंता की बात यह है कि सपोर्ट खत्म होने के बाद उन्हें नए फीचर्स, सिक्योरिटी अपडेट और ऐप कम्पैटिबिलिटी में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर आपका डिवाइस सपोर्ट लिस्ट से बाहर हो जाता है, तो अपग्रेड पर विचार करना बेहतर रहेगा।
कुल मिलाकर, iOS 27 अपडेट Apple यूजर्स के लिए कई नए फीचर्स लेकर आएगा, लेकिन कुछ पुराने iPhone मॉडल्स के लिए यह एक युग का अंत भी साबित हो सकता है। आने वाले समय में Apple की आधिकारिक घोषणा से ही यह पूरी तरह स्पष्ट होगा कि किन डिवाइस को अंतिम रूप से सपोर्ट मिलेगा और किन्हें नहीं।