अमेरिका के बाल्टीमोर ब्रिज हादसे में भारतीय प्रबंधन वाले मालवाहक जहाज ‘डाली’ को लेकर अब तक के सबसे बड़े समुद्री बीमा दावे की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दुर्घटना से जुड़े नुकसान के लिए लगभग 2.5 अरब डॉलर के मरीन इंश्योरेंस भुगतान का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं अमेरिकी संघीय सरकार ने इस हादसे से कुल नुकसान करीब 5 अरब डॉलर तक पहुंचने की बात कही है। यह घटना वैश्विक शिपिंग और मरीन इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा आर्थिक झटका मानी जा रही है।

बाल्टीमोर में स्थित फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज के ढहने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन और बंदरगाह संचालन पर गंभीर असर डाला था। जहाज ‘डाली’ के पुल से टकराने के बाद बड़े हिस्से का ढांचा नदी में गिर गया, जिससे बंदरगाह गतिविधियां प्रभावित हुईं और सप्लाई चेन पर भी असर पड़ा। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान कई दिनों तक जारी रहा था।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस दुर्घटना के बाद जहाज संचालन, पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्री सुरक्षा मानकों पर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। मरीन बीमा कंपनियों के लिए यह दावा अब तक के सबसे बड़े दावों में गिना जा रहा है। बीमा भुगतान में पुल पुनर्निर्माण, पोर्ट संचालन में बाधा, कानूनी दावे और व्यापारिक नुकसान जैसी कई श्रेणियां शामिल हो सकती हैं।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि हादसे से प्रभावित बुनियादी ढांचे की मरम्मत और आर्थिक गतिविधियों को सामान्य करने में लंबा समय लग सकता है। बाल्टीमोर पोर्ट अमेरिका के महत्वपूर्ण कार्गो केंद्रों में से एक माना जाता है, जहां ऑटोमोबाइल, कंटेनर और भारी मशीनरी का बड़ा कारोबार होता है। दुर्घटना के बाद समुद्री यातायात और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर व्यापक असर देखने को मिला।

वैश्विक शिपिंग इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस हादसे के बाद जहाजों की तकनीकी जांच, नेविगेशन सिस्टम और बंदरगाह सुरक्षा नियमों को और सख्त किया जा सकता है। साथ ही बड़े समुद्री हादसों से जुड़े जोखिम प्रबंधन और बीमा प्रीमियम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में इस मामले से जुड़ी कानूनी और वित्तीय प्रक्रियाओं पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की नजर बनी रहेगी।