अमेरिकी एयरोस्पेस दिग्गज Boeing ने अपने उत्पादन को तेज करने और रिटायर हो रहे कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान शुरू किया है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, कंपनी हर हफ्ते 100 से 140 फैक्ट्री वर्कर्स को नौकरी पर रख रही है, जो 2024 के बाद सबसे तेज भर्ती दर मानी जा रही है।
यह भर्ती मुख्य रूप से अमेरिका के पैसिफिक नॉर्थवेस्ट क्षेत्र में की जा रही है, जहां Boeing के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थित हैं। यहां पहले से ही 34,000 से अधिक यूनियनाइज्ड फैक्ट्री कर्मचारी काम कर रहे हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।
कंपनी का यह कदम ऐसे समय पर आया है जब वैश्विक स्तर पर विमानों की मांग तेजी से बढ़ रही है। एयरलाइंस अधिक ईंधन-कुशल विमानों के लिए बड़े ऑर्डर दे रही हैं, वहीं रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में भी निवेश बढ़ रहा है। ऐसे में Boeing को अपने उत्पादन को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन की जरूरत पड़ रही है।
भर्ती का एक बड़ा कारण अनुभवी कर्मचारियों का रिटायर होना भी है। कोविड-19 महामारी के बाद बड़ी संख्या में कुशल कर्मचारी उद्योग से बाहर हो गए थे, जिससे स्किल गैप पैदा हो गया। अब Boeing इस कमी को पूरा करने के लिए नए कर्मचारियों के साथ-साथ अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम भी बढ़ा रहा है।
कंपनी खासतौर पर अपने लोकप्रिय 737 MAX विमान के उत्पादन को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। इसके लिए सिएटल क्षेत्र में “नॉर्थ लाइन” नामक एक नई प्रोडक्शन लाइन स्थापित की जा रही है, जिसे सपोर्ट करने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों की जरूरत है।
इसके अलावा, Boeing अपने 777X वाइडबॉडी विमान प्रोग्राम को भी आगे बढ़ा रहा है, जो अभी सर्टिफिकेशन का इंतजार कर रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए भी उत्पादन और सपोर्ट स्टाफ की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह भर्ती केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि लॉजिस्टिक्स, टूलिंग, ट्रांसपोर्टेशन और पार्ट्स सप्लाई जैसे क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की जरूरत है। इससे यह साफ होता है कि कंपनी अपने पूरे सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
वॉशिंगटन राज्य में एयरोस्पेस जॉब्स की संख्या भी बढ़ रही है, जो अगस्त 2025 में 79,000 के स्तर से बढ़कर फरवरी 2026 में करीब 81,800 तक पहुंच गई है। यह उद्योग में रिकवरी और ग्रोथ का संकेत है।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि स्किल्ड वर्कर्स की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई कंपनियां अब ट्रेनिंग और अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम्स के जरिए नए टैलेंट को तैयार करने पर जोर दे रही हैं।
कुल मिलाकर, Boeing की यह आक्रामक भर्ती रणनीति यह दिखाती है कि एयरोस्पेस इंडस्ट्री एक बार फिर तेजी से विस्तार के दौर में है। बढ़ती वैश्विक मांग और तकनीकी विकास के बीच, कंपनियां अब अपनी उत्पादन क्षमता और वर्कफोर्स दोनों को मजबूत करने पर फोकस कर रही हैं।