3,000 करोड़ के यस बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में ईडी की छापेमारी, रिलायंस ग्रुप की कंपनियों ने दी प्रतिक्रिया

उद्योगपति अनिल अंबानी एक बार फिर कानूनी संकट में फंसते नजर आ रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 3,000 करोड़ रुपये के यस बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई करते हुए अनिल अंबानी से जुड़े करीब 50 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के बाद शेयर बाजार में भी भारी उथल-पुथल देखने को मिली।

रिलायंस पावर के शेयरों में करीब 6% और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में 5% तक की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की चिंताओं के बीच रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है।

कंपनी ने कहा कि ईडी की हालिया कार्रवाई से संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) या रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के 10 साल पुराने लेनदेन से संबंधित प्रतीत होती हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर एक स्वतंत्र लिस्टेड इकाई है, जिसका RCOM या RHFL से कोई व्यावसायिक या वित्तीय संबंध नहीं है।

बयान में यह भी कहा गया है कि अनिल अंबानी वर्तमान में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर के बोर्ड में शामिल नहीं हैं। साथ ही RHFL का मामला सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार पहले ही सुलझ चुका है और शेष मुद्दे प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण में विचाराधीन हैं।