भारत के प्रमुख फाइनेंशियल हब के रूप में उभर रहे GIFT City में अब बड़ी घरेलू और बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने ट्रेजरी ऑपरेशंस स्थापित करने की तैयारी कर रही हैं। अदाणी समूह, आर्सेलर, भारती एयरटेल, जेनपैक्ट और ZF Friedrichshafen जैसी दिग्गज कंपनियों का इस दिशा में कदम बढ़ाना भारत के वित्तीय क्षेत्र के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। यह कदम GIFT City को एक वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, आने वाले तीन महीनों में करीब 17 कॉरपोरेट ट्रेजरी यूनिट्स GIFT City में अपने संचालन शुरू कर सकती हैं। यह कंपनियां अपने कैश मैनेजमेंट, फंडिंग और विदेशी मुद्रा से जुड़े कार्यों को यहां से संचालित करेंगी। GIFT City में मिलने वाले टैक्स लाभ, कम लागत पर फंडिंग और डिविडेंड रेमिटेंस पर कम टैक्स जैसे फायदे कंपनियों को आकर्षित कर रहे हैं।

GIFT City को एक टैक्स-न्यूट्रल फाइनेंशियल जोन के रूप में विकसित किया गया है, जहां कंपनियों को कई तरह की कर छूट और नियामकीय सुविधाएं मिलती हैं। यही कारण है कि यह क्षेत्र धीरे-धीरे सिंगापुर और दुबई जैसे वैश्विक वित्तीय केंद्रों को टक्कर देने की क्षमता विकसित कर रहा है। कंपनियां यहां अपने ग्लोबल ट्रेजरी ऑपरेशंस स्थापित कर अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रबंधन को अधिक प्रभावी तरीके से संभाल सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत में विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और देश की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी। साथ ही, GIFT City में ट्रेजरी ऑपरेशंस शुरू होने से उच्च स्तर की फाइनेंशियल जॉब्स और विशेषज्ञता का विकास भी होगा। यह पहल भारत को ग्लोबल फाइनेंस मैप पर और मजबूत स्थिति में लाने में मदद कर सकती है।

सरकार और नियामक संस्थाएं भी GIFT City को बढ़ावा देने के लिए लगातार नीतिगत सुधार कर रही हैं, ताकि अधिक से अधिक कंपनियां यहां निवेश करें। आने वाले समय में और भी बड़ी कंपनियों के इस फाइनेंशियल हब से जुड़ने की संभावना जताई जा रही है।

GIFT City का तेजी से विकास यह दर्शाता है कि भारत अब केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक मजबूत वैश्विक वित्तीय शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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