वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच इस बार Akshaya Tritiya पर भारत में सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। हाल के दिनों में सोने की कीमतों में आई नरमी और अंतरराष्ट्रीय तनाव में कुछ कमी आने से खरीदारों का रुझान फिर से बाजार की ओर बढ़ा है।
ज्वेलरी कारोबारियों के अनुसार, इस बार त्योहार से पहले ही ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। कई शहरों में सोने के आभूषण और सिक्कों की अग्रिम बुकिंग शुरू हो चुकी है। खासकर हल्के वजन के आभूषण और छोटे निवेश विकल्प जैसे गोल्ड कॉइन्स की मांग में तेजी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में हालिया गिरावट ने उपभोक्ताओं को खरीदारी के लिए प्रेरित किया है। पिछले कुछ महीनों में सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर थीं, जिससे मांग प्रभावित हुई थी। अब कीमतों के थोड़ा स्थिर होने से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है।
हालांकि, उद्योग के भीतर मांग को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ कारोबारी मानते हैं कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और नकदी को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति के कारण इस बार मांग उम्मीद से कम रह सकती है। महंगाई और अन्य खर्चों के दबाव के चलते कई उपभोक्ता बड़े निवेश से बच सकते हैं।
दूसरी ओर, कई विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय बाजार में त्योहारों का खास महत्व होता है और Akshaya Tritiya जैसे अवसर पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में पारंपरिक खरीदारी जारी रहेगी और मांग को सहारा मिलेगा। उनका यह भी मानना है कि लंबी अवधि में सोना निवेश का सुरक्षित विकल्प बना रहेगा।
ज्वेलरी उद्योग को उम्मीद है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से संतुलित मांग देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, डिजिटल गोल्ड और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए भी बिक्री में योगदान मिलने की संभावना है।