भारत और अमेरिका की टीमों ने 17 जुलाई को वाशिंगटन में प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के लिए पांचवें दौर की बातचीत पूरी की। इस वार्ता में भारत की ओर से वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव और प्रमुख वार्ताकार राजेश अग्रवाल ने नेतृत्व किया।

यह बातचीत इसलिए अहम मानी जा रही है क्योंकि दोनों देश 1 अगस्त से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। 1 अगस्त वह तारीख है जब अमेरिका द्वारा भारत सहित कई देशों पर लगाए गए ट्रंप टैरिफ (26%) की निलंबन अवधि समाप्त हो रही है।

2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन उच्च पारस्परिक शुल्कों की घोषणा की थी। इन शुल्कों के लागू होने को पहले 9 जुलाई तक और फिर 1 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया था, ताकि अमेरिका विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौते कर सके।

पांचवें दौर की बातचीत में कृषि और ऑटोमोबाइल से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, गैर-बाजार अर्थव्यवस्थाओं से निपटने के तरीकों और SCOMET (Special Chemicals, Organisms, Materials, Equipment and Technologies) से संबंधित विषयों पर भी बात हुई।

भारत ने इस समझौते में इस्पात और एल्युमीनियम (50%) तथा ऑटो सेक्टर (25%) पर टैरिफ में छूट की मांग रखी है। इसके बदले भारत ने WTO के तहत जवाबी शुल्क लगाने का अधिकार सुरक्षित रखा है।

भारत ने इस व्यापार समझौते में श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे—टेक्सटाइल्स, रत्न और आभूषण, चमड़े के सामान, परिधान, प्लास्टिक, रसायन, झींगे, तिलहन, अंगूर और केले—के लिए भी शुल्क छूट की मांग की है।