तीन साल की बातचीत के बाद भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) अगले हफ्ते साइन हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, डील के मसौदे की कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और दोनों देश जल्द ही इस पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
इस समझौते के तहत भारत के लेदर, टेक्सटाइल, फुटवियर, खिलौने और ज्वेलरी जैसे लेबर-इंटेंसिव उत्पादों पर यूके में एक्सपोर्ट टैक्स खत्म हो जाएगा। इससे भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, ब्रिटिश व्हिस्की और कारें भारत में सस्ती हो जाएंगी, जिससे घरेलू प्रीमियम ब्रांड्स को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
डील के बाद भारत-यूके के बीच व्यापार 2030 तक 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। इससे डिजिटल, इंजीनियरिंग और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने यूके को करीब 12.9 बिलियन डॉलर का निर्यात किया था।
प्रधानमंत्री ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह भारत-यूके रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा। उन्होंने यह भी बताया कि समझौता व्यापार, निवेश, इनोवेशन और रोजगार में वृद्धि करेगा। हालांकि, इसे पूरी तरह लागू होने में करीब एक साल का समय लग सकता है क्योंकि इसे दोनों देशों की संसदों से मंजूरी लेनी होगी।
स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन के सीईओ मार्क केंट ने इस डील को “ट्रांसफॉर्मेशनल” करार दिया और इसे “एक पीढ़ी में एक बार होने वाला अवसर” बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता स्कॉच व्हिस्की के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजार — भारत — में निर्यात के लिहाज से एक ऐतिहासिक क्षण होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस डील को ऐतिहासिक करार देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “अपने मित्र प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से बात कर खुशी हुई। भारत और ब्रिटेन ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह ऐतिहासिक समझौता हमारी रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देगा। यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार, निवेश, विकास, रोजगार सृजन और नवाचार को प्रोत्साहित करेगा। मैं जल्द ही प्रधानमंत्री स्टार्मर का भारत में स्वागत करने को उत्सुक हूं।”
