भारत के युवा और जूनियर वेटलिफ्टर्स ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ यूथ और जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में चार स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। समोआ की राजधानी एपिया में आयोजित इस प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला।
महिला वर्ग में ऐसांगफा ने 58 किलोग्राम श्रेणी में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने कुल 185 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें 79 किलोग्राम स्नैच और 106 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क शामिल रहा। उनके इस प्रदर्शन ने उन्हें प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान दिलाया।
पुरुष वर्ग में अभिनोब ने 71 किलोग्राम श्रेणी में शानदार ताकत और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने कुल 284 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें 129 किलोग्राम स्नैच और 155 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क शामिल था। उनका यह प्रदर्शन प्रतियोगिता के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है।
इसी के साथ, यूनिवर्सल कप (सीनियर) में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी श्रेष्ठता साबित की। अरुणाचल प्रदेश के चारू पेसी ने पुरुष वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कुल 289 किलोग्राम वजन उठाया, जिसमें 127 किलोग्राम स्नैच और 162 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क शामिल था।
भारतीय खिलाड़ियों के इस शानदार प्रदर्शन से देश के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। यह सफलता न केवल खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण को दर्शाती है, बल्कि भारतीय वेटलिफ्टिंग के बढ़ते स्तर को भी उजागर करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में युवा खिलाड़ियों की सफलता भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे आने वाले समय में भारत को ओलंपिक और अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ जाती है।
सरकार और खेल संगठनों द्वारा खिलाड़ियों को दी जा रही सुविधाएं और प्रशिक्षण भी इस सफलता के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण माने जा रहे हैं। बेहतर कोचिंग, आधुनिक उपकरण और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी ने खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिलाई है।