जिंदल स्टील ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) में मजबूत प्रदर्शन दर्ज करते हुए अपने शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) में लगभग 20% की वृद्धि हासिल की है। कंपनी का मुनाफा बढ़कर करीब ₹3,367 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि राजस्व (रेवेन्यू) में भी सालाना आधार पर लगभग 7-8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ()
कंपनी की इस वृद्धि के पीछे प्रमुख कारण स्टील उत्पादन और बिक्री में बढ़ोतरी रहा है। FY26 के दौरान जिंदल स्टील ने रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया और बढ़ती मांग तथा बेहतर कीमतों का फायदा उठाया। इसके अलावा, कंपनी द्वारा क्षमता विस्तार (कैपेसिटी एक्सपेंशन) और नए प्लांट्स के संचालन से भी वॉल्यूम में सुधार देखने को मिला। ()
हालांकि, बेहतर आय के बावजूद कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, FY26 में कंपनी का एडजस्टेड EBITDA करीब 3% घटकर ₹9,099 करोड़ रह गया। इसका मुख्य कारण कच्चे माल (रॉ मटेरियल) की लागत में तेज़ बढ़ोतरी रहा, जो लगभग 12% तक बढ़ गई। ()
इसी वजह से कंपनी का EBITDA मार्जिन घटकर लगभग 17.09% रह गया, जो पिछले वर्ष 18.76% था। यह संकेत देता है कि भले ही कंपनी की बिक्री और मुनाफा बढ़ा हो, लेकिन लागत दबाव के कारण उसकी लाभप्रदता (प्रॉफिटेबिलिटी) पर असर पड़ा है। ()
मार्च तिमाही (Q4 FY26) की बात करें तो कंपनी ने शानदार वापसी करते हुए ₹1,000 करोड़ से अधिक का मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसे घाटा हुआ था। तिमाही के दौरान कंपनी का राजस्व भी 20% से अधिक बढ़ा, जो मजबूत मांग और उत्पादन वृद्धि का संकेत है। ()
विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी अब एक ऐसे चरण में है जहां क्षमता विस्तार का पूरा फायदा आने वाले वर्षों में दिखाई देगा। उम्मीद है कि FY27 से लागत नियंत्रण और ऑपरेशनल सुधारों के चलते मार्जिन में भी सुधार देखने को मिल सकता है। ()
कुल मिलाकर, जिंदल स्टील ने FY26 में मजबूत ग्रोथ दिखाई है, लेकिन बढ़ती लागत ने उसके मार्जिन पर असर डाला है। आने वाले समय में कंपनी की रणनीति लागत कम करने और उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग करने पर केंद्रित रहेगी, जिससे उसकी लाभप्रदता और मजबूत हो सकती है।