अप्रैल-मई में भारत का फिनिश्ड स्टील आयात 27.6% घटा, चीन-जापान से शिपमेंट में भारी गिरावट

वित्तीय वर्ष 2025-26 की शुरुआत भारत के स्टील व्यापार के लिए सुस्त रही है। अप्रैल और मई माह के दौरान भारत में फिनिश्ड स्टील का आयात 27.6% की गिरावट के साथ केवल 0.9 मिलियन मीट्रिक टन रहा। यह जानकारी रॉयटर्स द्वारा देखे गए सरकार के अस्थायी आंकड़ों में सामने आई है। आयात में यह गिरावट मुख्य रूप से चीन और जापान से स्टील शिपमेंट में तेज कमी के कारण हुई है।

चीन और जापान से आयात में भारी गिरावट

भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा क्रूड स्टील उत्पादक है, को इस अवधि में चीन से केवल 0.2 मिलियन मीट्रिक टन और जापान से 0.1 मिलियन मीट्रिक टन फिनिश्ड स्टील प्राप्त हुआ। यह क्रमशः पिछले वर्ष की तुलना में 47.7% और 65.6% की भारी गिरावट को दर्शाता है। चीन और जापान, जो पहले भारत के प्रमुख स्टील निर्यातक थे, अब आयात में सबसे अधिक कमी वाले देश बन गए हैं।

सस्ते आयात पर नियंत्रण के लिए भारत सरकार की कार्रवाई

स्टील उद्योग को सस्ते और बड़े पैमाने पर आयात से सुरक्षा देने के उद्देश्य से भारत सरकार ने अप्रैल 2025 में कुछ खास प्रकार के स्टील उत्पादों पर 12% की अस्थायी टैरिफ (सेफगार्ड ड्यूटी) लगाई। यह कदम खासतौर पर चीन से बढ़ते सस्ते स्टील आयात को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया, जिससे घरेलू स्टील निर्माताओं को राहत मिल सके।

दक्षिण कोरिया बना सबसे बड़ा निर्यातक

इस अवधि में दक्षिण कोरिया भारत का सबसे बड़ा फिनिश्ड स्टील निर्यातक देश बनकर उभरा। कोरिया से स्टील शिपमेंट में 8.2% की वृद्धि हुई और कुल निर्यात 0.4 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गया। इस तरह कोरिया ने चीन और जापान की गिरती हिस्सेदारी को काफी हद तक भरने की कोशिश की है।

चीन, जापान और कोरिया से मिला कुल 74.4% स्टील

चीन, जापान और दक्षिण कोरिया – ये तीनों देश भारत के कुल फिनिश्ड स्टील आयात का 74.4% हिस्सा रखते हैं। इसमें सबसे ज़्यादा आयात हॉट रोल्ड कॉइल्स और स्ट्रिप्स का रहा है, जो इस अवधि में भारत द्वारा सबसे अधिक मंगाए गए स्टील उत्पाद रहे।

भारत बना शुद्ध स्टील आयातक, निर्यात में गिरावट

अप्रैल-मई के दौरान भारत फिनिश्ड स्टील का शुद्ध आयातक (Net Importer) बन गया। इस अवधि में भारत का स्टील निर्यात 18.1% की गिरावट के साथ 0.8 मिलियन मीट्रिक टन रह गया। यानी जितना स्टील भारत ने निर्यात किया, उससे ज्यादा उसने आयात किया।

गैल्वनाइज़्ड शीट्स बनीं प्रमुख निर्यात उत्पाद

भारत से सबसे ज़्यादा निर्यात गैल्वनाइज़्ड प्लेन या कॉरुगेटेड शीट्स और कॉइल्स का हुआ। यह उत्पाद खासतौर पर निर्माण और ऑटो सेक्टर में इस्तेमाल होता है, जिसकी वैश्विक मांग बनी हुई है।

बेल्जियम सबसे बड़ा निर्यात बाजार, इटली को झटका

बेल्जियम भारत के लिए इस अवधि में सबसे बड़ा स्टील निर्यात गंतव्य रहा। भारत से बेल्जियम को शिपमेंट 12.4% बढ़कर 0.15 मिलियन मीट्रिक टन पहुंच गई। इसके विपरीत इटली को निर्यात में 53.7% की तेज गिरावट दर्ज की गई। वहीं नेपाल और स्पेन को स्टील निर्यात में बढ़त देखने को मिली है।

घरेलू स्टील की खपत और उत्पादन में बढ़ोतरी

आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-मई 2025 के दौरान देश में फिनिश्ड स्टील की खपत 7.1% बढ़कर 25.1 मिलियन मीट्रिक टन हो गई। इसी अवधि में क्रूड स्टील का उत्पादन 9.5% की बढ़ोतरी के साथ 26.9 मिलियन मीट्रिक टन पर पहुंच गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है, जो औद्योगिक विकास और निर्माण क्षेत्र में सकारात्मक गतिविधियों को दर्शाता है।