अमेरिका को भारत के साथ रक्षा सौदे पूरे होने की उम्मीद

लंबित सौदों को जल्द अंतिम रूप देने की तैयारी

अमेरिका ने उम्मीद जताई है कि वह भारत के साथ कई प्रमुख लंबित रक्षा सौदों को जल्द पूरा कर पाएगा। यह बयान अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने उस समय दिया जब उन्होंने मंगलवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से वाशिंगटन डीसी के पेंटागन में मुलाकात की।

दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की।

रक्षा साझेदारी को बताया महत्वपूर्ण स्तंभ

विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने कहा कि आज भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी द्विपक्षीय संबंधों का एक बेहद महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है। यह साझेदारी केवल साझा हितों पर नहीं, बल्कि बढ़ती क्षमताओं, जिम्मेदारियों और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा दृष्टिकोण पर आधारित है।

उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया दिन-ब-दिन अधिक जटिल होती जा रही है और ऐसे में भारत और अमेरिका की साझेदारी क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी अहम है।

इंडो-पैसिफिक पर साझा चिंता और दृष्टिकोण

पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका और भारत दोनों इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों को लेकर समान रूप से जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास इन खतरों से मिलकर निपटने की पूरी क्षमता है।

हेगसेथ ने यह भी बताया कि अमेरिका भारत को ऐसे उपकरण प्रदान कर रहा है, जो उसे इस क्षेत्र में बढ़ते खतरों का सामना करने में मदद करेंगे।

अमेरिकी रक्षा उपकरणों का भारत में सफल एकीकरण

अमेरिकी रक्षा सचिव ने कहा कि अमेरिका इस बात से बेहद संतुष्ट है कि उसके कई रक्षा उत्पाद भारत की सैन्य प्रणाली में सफलतापूर्वक एकीकृत किए जा चुके हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अब इस प्रगति के आधार पर अमेरिका चाहता है कि लंबित रक्षा सौदे जल्द पूरे किए जाएं, रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़े और सेनाओं के बीच तालमेल और भी मजबूत हो।

10-वर्षीय रक्षा सहयोग समझौते की तैयारी

हेगसेथ ने बताया कि दोनों देश एक नए 10-वर्षीय रक्षा सहयोग फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को मजबूती देना है।

इसके अलावा, दोनों देश संयुक्त रूप से रक्षा उत्पादों के निर्माण और तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा देंगे।

डिफेंस एक्सेलरेशन समिट में होगा सहयोग विस्तार

डॉ. जयशंकर और हेगसेथ ने अगली इंडिया-यूएस डिफेंस एक्सेलरेशन इकोसिस्टम समिट में भागीदारी को लेकर भी चर्चा की। इस समिट के दौरान रक्षा औद्योगिक सहयोग और तकनीकी नवाचारों को लेकर नए कदम उठाए जाएंगे।

अंत में हेगसेथ ने कहा, “हम आपके साथ मिलकर साझा लक्ष्यों को साकार करने के लिए उत्सुक हैं। यह सहयोग गहरा और निरंतर है।”